ARNAB cyclone Alert: डीप डिप्रेशन से भारी बारिश, 4 जिलों में स्कूल बंद, सड़कें प्रतिबंधित

बंगाल की खाड़ी में बना डीप डिप्रेशन 23 सितंबर की रात तक ओडिशा-आंध्र तट को पार कर सकता है। चक्रवात 'अर्नब' में बदलने की संभावना। ओडिशा के 4 जिलों में स्कूल बंद, 11 जिलों में अलर्ट। आंध्र प्रदेश में तैयारियां तेज।

बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन, ओडिशा-आंध्र तट पर असर की आशंका
बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन, ओडिशा-आंध्र तट पर असर की आशंका

ARNAB cyclone Alert: बंगाल की खाड़ी में बना मौसम सिस्टम डीप डिप्रेशन में तब्दील हो चुका है और तट की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक यह सिस्टम 23 सितंबर की रात तक विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच कलिंगपट्टनम के पास से उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट को पार कर सकता है। मंगलवार को ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश हुई। आगे चलकर यह सिस्टम खतरनाक चक्रवाती तूफान में बदल सकता है, जिसका नाम ‘अर्नब’ होगा। ओडिशा सरकार ने 11 जिलों के कलेक्टरों के साथ वर्चुअल बैठक की है और राहत केंद्र तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। चार जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं और कुछ सड़कों पर आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है। आंध्र प्रदेश ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं।

डीप डिप्रेशन की मौजूदा स्थिति

मौसम विभाग के बुधवार सुबह 5:30 बजे के अपडेट के अनुसार, डीप डिप्रेशन बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उससे जुड़े उत्तर-पश्चिम हिस्से में केंद्रित है। यह पिछले छह घंटों में 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ा है। सिस्टम फिलहाल कलिंगपट्टनम से करीब 70 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व, गोपालपुर से 150 किलोमीटर दक्षिण, विशाखापत्तनम से 150 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व और पुरी से 230 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। विभाग के मुताबिक सिस्टम के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की प्रबल संभावना है।

डीप डिप्रेशन और चक्रवाती तूफान में अंतर

मौसम विभाग कम दबाव वाले सिस्टम को उसकी तीव्रता और समुद्र के ऊपर अधिकतम लगातार हवा की गति के आधार पर वर्गीकृत करता है। 17 से 27 नॉट यानी 31-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाले सिस्टम को डिप्रेशन कहा जाता है। 28 से 33 नॉट यानी 52-61 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाले सिस्टम को डीप डिप्रेशन कहा जाता है। 34 नॉट यानी 63 किलोमीटर प्रति घंटे या उससे अधिक की रफ्तार वाले सिस्टम को चक्रवाती तूफान कहा जाता है। इसका मतलब है कि हर लो प्रेशर सिस्टम अपने आप चक्रवात नहीं बनता। चक्रवाती तूफान की श्रेणी में आने के लिए सिस्टम को निर्धारित हवा की गति की सीमा पार करनी होती है।

ओडिशा में सबसे ज्यादा असर, सरकार अलर्ट पर

ओडिशा सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में शामिल हो सकता है। राज्य के कई हिस्सों में पहले से ही भारी बारिश हो रही है। बुधवार रात डीप डिप्रेशन के राज्य से टकराने की आशंका को देखते हुए सरकार ने रणनीतिक स्थानों पर कर्मचारी और मशीनरी तैनात कर दी है। 11 जिलों के कलेक्टरों ने वर्चुजल बैठक में हिस्सा लिया। अधिकारियों को जरूरत पड़ने पर लोगों को ठहराने के लिए चक्रवात और बाढ़ राहत केंद्र तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरी सामान और उपकरणों का पर्याप्त भंडार तैयार रखा गया है। स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया है। आपदा प्रबंधन टीमें हाई अलर्ट पर हैं। नदियों, जलाशयों और बांधों में पानी के स्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।

इन जिलों में स्कूल बंद

भारी बारिश को देखते हुए ओडिशा के चार जिलों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने का फैसला किया गया है। खुर्दा जिले में मंगलवार से गुरुवार तक सभी स्कूल बंद रहेंगे। गंजाम जिले में सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों को मंगलवार से गुरुवार तक बंद रखने का आदेश दिया गया है। जगतसिंहपुर जिले में मंगलवार को सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। गजपति जिले में मंगलवार से गुरुवार तक स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। यह आदेश सरकारी और निजी दोनों संस्थानों पर लागू होगा।

सड़कें बंद, फेरी सेवा ठप

भारी बारिश और खराब मौसम को देखते हुए कुछ सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है। इनमें गंजाम और कंधमाल को जोड़ने वाला कलिंगा घाट भी शामिल है। चिल्का झील में सतपाड़ा और जाह्नीकुड़ा के बीच फेरी सेवा भी 25 सितंबर तक चार दिनों के लिए बंद रहेगी। गजपति, गंजाम और कुछ अन्य जिलों में पेड़ गिरने और सड़कें बंद होने की खबरें भी सामने आई हैं। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है। खासकर उन क्षेत्रों में खतरा अधिक है जहां पहले से लगातार बारिश हो रही है।

आंध्र प्रदेश में भी तैयारियां तेज

डीप डिप्रेशन का असर तटीय आंध्र प्रदेश पर भी पड़ने की संभावना है। आंध्र प्रदेश सरकार ने संभावित चक्रवाती तूफान के प्रभाव से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। गृह एवं आपदा प्रबंधन मंत्री वंगालापुडी अनिता ने अधिकारियों को 24 घंटे कंट्रोल रूम चालू रखने और मौसम की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लोगों से तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बड़े होर्डिंग्स और जर्जर इमारतों से दूर रहने की अपील की है।

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लेखक परिचय

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Weather Desk / Mausam Breaking

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