हरियाणा में मौसम अब करवट ले रहा है। 16 सितंबर से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ गया है और रविवार तक पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इसके बाद सोमवार से प्रदेश में मानसून की विदाई शुरू हो जाएगी।
मौसम विभाग के मुताबिक 1 जून से 19 सितंबर तक हरियाणा में 317.5 MM बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य 409.7 MM होती है।
यानी इस बार 22.0 फीसदी कम बारिश हुई। पलवल को छोड़कर बाकी सभी 21 जिलों में सामान्य से कम बारिश रही।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार 21 सितंबर के बाद हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और पंजाब से मानसून विदा हो सकता है।
सबसे पहले उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में बारिश का मौसम खत्म होगा। अब पश्चिमी गर्म हवाओं का दौर शुरू हो गया है, जिससे दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी हो रही है।
ये हवाएं वातावरण से नमी सोखेंगी। 16 से 18 सितंबर के बीच 21 जिलों में बारिश हुई, जिसमें हिसार, सिरसा, फतेहाबाद और जींद सबसे आगे रहे। यह बारिश फसलों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है।
क्या कल से फिर लौटेगा मानसून?
नहीं, कल यानी 22 सितंबर से मानसून के लौटने की कोई संभावना नहीं है। इसके उलट, हरियाणा से मानसून की विदाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और आने वाले दिनों में मौसम शुष्क बना रहेगा।
29 और 30 सितंबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी के आसार बन सकते हैं
महीने के आखिरी दिनों में मौसम में थोड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, । लेकिन यह मानसून की वापसी नहीं होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर बनने वाले मौसम तंत्र का असर होगा।

