तमिलनाडु बारिश, मौसम ब्रेकिंग (चेन्नई): पूर्वोत्तर मानसून शुरू होने के बाद से तमिलनाडु में बिजली गिरने से 14 लोगों की मौत हो चुकी है। मंत्री सेंगोट्टैयन ने चेन्नई में अधिकारियों के साथ नीलगिरी और कोयंबटूर जिलों में भारी बारिश की स्थिति और बचाव कार्यों की समीक्षा करने के बाद यह जानकारी दी।
मंत्री ने आपातकालीन संचालन केंद्र में हुई बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि नीलगिरी, कोडाइकनाल और येरकौड में एहतियाती प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं। इन पहाड़ी स्थलों पर पर्यटकों के जाने पर रोक लगा दी गई है और केवल आवश्यक उद्देश्यों के लिए ही प्रवेश की अनुमति है।
समीक्षा बैठक में नीलगिरी और कोयंबटूर में जारी भारी बारिश के प्रभाव, बचाव कार्य और प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जीवन बहाल करने के लिए उठाए गए उपायों पर ध्यान केंद्रित किया गया। अधिकारियों ने आपातकालीन केंद्र में मंत्री से स्थिति पर विस्तार से चर्चा की।
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सेंगोट्टैयन ने बताया कि कोयंबटूर और नीलगिरी में भारी बारिश के बाद जमा हुआ पानी निकाल दिया गया है। उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि रुके हुए पानी को हटाने से प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों का जीवन सामान्य हो पाया है।
मंत्री ने यह भी बताया कि नीलगिरी में भूस्खलन में फंसे एक ड्राइवर के परिवार को 4 लाख रुपए की वित्तीय सहायता दी गई है। उन्होंने बारिश के प्रभाव पर सरकार की प्रतिक्रिया का विवरण देते हुए इस सहायता राशि का उल्लेख किया।
मानसून से होने वाली मौतों के बारे में सेंगोट्टैयन ने कहा कि इस मौसम की शुरुआत से अब तक हुई 14 मौतें आंधी-तूफान के दौरान बिजली गिरने से हुई हैं। उन्होंने जो आंकड़ा बताया वह बिजली गिरने से हुई मौतों का था और इसे राज्य भर में बारिश से संबंधित सभी घटनाओं की कुल संख्या के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया था।
उनकी ये टिप्पणियां पश्चिमी जिलों में स्थिति की समीक्षा और भारी बारिश के जवाब में उठाए जा रहे कदमों पर ब्रीफिंग के दौरान आईं। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा पर प्रतिबंध अधिकारियों द्वारा घोषित एहतियाती उपायों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
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सेंगोट्टैयन ने कहा कि केवल आवश्यक गतिविधियों के लिए ही अनुमति दी जा रही है, जबकि नीलगिरि, कोडाइकनाल और येरकौड में पर्यटकों का आना-जाना प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने अपने संबोधन में उन स्थानों पर सामान्य जीवन की बहाली के बारे में भी जानकारी दी।








