Aaj Ka Mausam 4 October 2026: देश में मानसून की वापसी के बीच मौसम की तस्वीर तेजी से बदल रही है। रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को पूर्वी, मध्य और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की परिस्थितियां बन सकती हैं। कहीं बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं तो उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में फिलहाल किसी गंभीर मौसम की चेतावनी नहीं है।
सुबह सामने आई मौसम रिपोर्टों में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और केरल समेत कई राज्यों में बारिश और आंधी की संभावना बताई गई थी।
लेकिन मौसम की खबर में कुछ घंटों के भीतर भी पूर्वानुमान बदल सकता है। 4 अक्टूबर को उपलब्ध नवीनतम IMD चेतावनी में उत्तर प्रदेश, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के लिए आज कोई मौसम चेतावनी नहीं दिखाई गई है।
UP में आज बारिश का अलर्ट है या नहीं?
उत्तर प्रदेश को लेकर सुबह प्रकाशित रिपोर्ट में मेरठ, गाजियाबाद, गोरखपुर, आगरा, मथुरा, कानपुर, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, सीतापुर, बलरामपुर, संतकबीर नगर, मऊ, प्रयागराज, महाराजगंज और कुशीनगर जैसे जिलों में बारिश और आंधी की संभावना बताई गई थी।
लेकिन 4 अक्टूबर को जारी नवीनतम IMD subdivision warning में पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश—दोनों के लिए आज कोई चेतावनी नहीं है।
इतना ही नहीं, मौजूदा सात दिन की चेतावनी में 10 अक्टूबर तक पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए कोई warning नहीं दिखाई गई है।
इसलिए पुराने या सुबह के forecast को नवीनतम चेतावनी समझना सही नहीं होगा।
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दिल्ली में भी आज कोई IMD चेतावनी नहीं
दिल्ली को लेकर भी सुबह की कुछ रिपोर्टों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना बताई गई थी। अब उपलब्ध नवीनतम आधिकारिक चेतावनी अलग तस्वीर दिखा रही है।
हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के लिए 4 अक्टूबर को कोई मौसम चेतावनी नहीं है।
मौजूदा सात दिन की चेतावनी में 5, 6, 7, 8, 9 और 10 अक्टूबर को भी इस क्षेत्र के लिए कोई warning नहीं दिखाई गई है।
हालांकि स्थानीय स्तर पर बादल या मौसम में सामान्य बदलाव होने और आधिकारिक warning जारी होने में अंतर होता है। “No Warning” का अर्थ यह नहीं है कि आसमान हर समय बिल्कुल साफ ही रहेगा।
पंजाब और राजस्थान में भी आज कोई चेतावनी नहीं
पंजाब और राजस्थान को लेकर भी स्थिति साफ हुई है।
पंजाब के लिए 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक मौजूदा सात दिन की चेतावनी में कोई warning नहीं है।
इसी तरह पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के लिए भी 4 से 10 अक्टूबर तक कोई चेतावनी नहीं दिखाई गई है।
इसलिए सुबह की रिपोर्टों में जिन इलाकों में आंधी-बारिश की आशंका बताई गई थी, उन्हें अब नवीनतम आधिकारिक अपडेट के संदर्भ में देखना जरूरी है।
उत्तराखंड में 5 अक्टूबर से बदल सकता है मौसम
उत्तराखंड में आज यानी 4 अक्टूबर के लिए कोई चेतावनी नहीं है, लेकिन यहां मौसम जल्द बदल सकता है।
5, 6 और 7 अक्टूबर को उत्तराखंड में गरज-चमक और तेज हवाओं से जुड़ी चेतावनी है। इसके बाद 8 अक्टूबर से फिलहाल कोई चेतावनी नहीं है।
पहाड़ी इलाकों की यात्रा करने वालों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण है। यात्रा से पहले जिला स्तर का नवीनतम पूर्वानुमान देखना बेहतर रहेगा।
हिमाचल प्रदेश में 6 अक्टूबर से मौसम में बदलाव
हिमाचल प्रदेश में भी 4 और 5 अक्टूबर को कोई चेतावनी नहीं है।
इसके बाद 6, 7 और 8 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाओं से जुड़ी चेतावनी है। 9 और 10 अक्टूबर के लिए फिलहाल कोई चेतावनी नहीं है।
इसका मतलब है कि उत्तर-पश्चिम भारत में आज व्यापक खराब मौसम का अलर्ट नहीं होने के बावजूद अगले कुछ दिनों में पहाड़ी राज्यों में परिस्थितियां बदल सकती हैं।
पूर्वी और दक्षिण भारत पर रहेगी नजर
देश के बाकी हिस्सों की बात करें तो आज की राष्ट्रीय मौसम तस्वीर में केरल, ओडिशा, बिहार, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत कुछ क्षेत्रों में बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है।
कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
यहां भी हर राज्य के पूरे क्षेत्र में एक जैसी बारिश होने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। कई चेतावनियां कुछ हिस्सों या अलग-अलग स्थानों के लिए होती हैं।
एक साथ कई मौसम सिस्टम सक्रिय
अक्टूबर की शुरुआत में देश के अलग-अलग हिस्सों के मौसम को प्रभावित करने वाली कई प्रणालियां बनी हुई हैं।
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण तथा वातावरण में मौजूद नमी के कारण पूर्वी और दक्षिणी भारत के कुछ क्षेत्रों में बारिश की परिस्थितियां बनी रह सकती हैं।
दूसरी ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी भी आगे बढ़ रही है। यही वजह है कि एक हिस्से में मौसम शुष्क हो रहा है तो दूसरे हिस्से में बारिश और गरज-चमक जारी रह सकती है।
मानसून की वापसी के बीच बदल रही देश की तस्वीर
अक्टूबर का पहला सप्ताह मौसम के लिहाज से संक्रमण का समय है। उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों से मानसून पीछे हट चुका है या वापसी की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
इसके बावजूद मानसून की वापसी का अर्थ यह नहीं है कि बारिश तुरंत पूरी तरह बंद हो जाएगी।
बंगाल की खाड़ी या अरब सागर में बनने वाली नई मौसमी प्रणालियां मानसून की वापसी के बाद भी देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश करा सकती हैं।
आज यात्रा करने वाले क्या ध्यान रखें?
4 अक्टूबर को यात्रा की योजना बना रहे लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात राष्ट्रीय स्तर की headline के बजाय अपने जिले की नवीनतम चेतावनी देखना है।
अगर आपके क्षेत्र में गरज-चमक की चेतावनी है तो खुले मैदान और असुरक्षित स्थानों पर रुकने से बचें। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोग भी स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के नवीनतम अपडेट पर ध्यान दें।
मौसम की चेतावनियां दिन में अपडेट हो सकती हैं। इसलिए सुबह देखा गया forecast शाम तक बदल भी सकता है।
यही वजह है कि 4 अक्टूबर की नवीनतम स्थिति में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के लिए आज कोई आधिकारिक मौसम चेतावनी नहीं है, जबकि देश के पूर्वी, मध्य और दक्षिणी हिस्सों के कुछ क्षेत्रों में बारिश और गरज-चमक पर नजर बनी हुई है।




