जमुई में बेमौसम बारिश से धान की फसल को भारी नुकसान

जमुई में बारिश: धान की फसल को भारी नुकसान, किसान परेशान। चक्रवाती तूफान अर्णव के प्रभाव से जमुई जिले के गिद्धौर और खैरा प्रखंड में लगातार बारिश हो रही है, जिससे खेतों में कटी धान की फसल भीग गई है और किसानों की चिंता बढ़ गई है।

प्रतीकात्मक तस्वीर: जमुई में बारिश
प्रतीकात्मक तस्वीर. Photo: masudar rahman / Pexels

जमुई में बारिश, मौसम ब्रेकिंग (जमुई): महीनों की मेहनत के बाद जब धान की फसल घर लाने का समय आया, तो बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में कहीं धान की कटाई पूरी हो चुकी है, तो कहीं फसल अभी खड़ी है।

ऐसे में लगातार बारिश से किसानों के सामने तैयार उपज को बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। दूसरी ओर, ठंडी हवा और आसमान में छाए घने बादलों ने आम जनजीवन की रफ्तार भी धीमी कर दी है।

जिले के गिद्धौर और खैरा प्रखंड में चक्रवाती तूफान अर्णव के प्रभाव से बारिश होने की खबर है। गुरुवार की सुबह से गिद्धौर में रुक-रुककर बारिश होती रही।

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वहीं, खैरा में बुधवार से जारी बारिश के कारण खेतों में कटी धान की फसल भीग रही है। किसानों को आशंका है कि मौसम जल्द साफ नहीं हुआ, तो उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेर सकता है।

गिद्धौर प्रखंड में गुरुवार सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला रहा। ठंडी हवा के साथ रुक-रुककर बारिश होती रही और आसमान में घने बादल छाए रहे।

दिन में भी अंधेरा जैसा माहौल बना रहा। लगातार बारिश के कारण लोगों को रोजमर्रा के कामकाज के लिए घर से निकलने में परेशानी हुई और बाजारों में चहल-पहल कम रही।

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खैरा प्रखंड में बेमौसम बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। बुधवार को हल्की बारिश के बाद रात में बारिश तेज हो गई, जो गुरुवार को भी दिनभर जारी रही।

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इसके कारण खेतों में काटकर रखी गई धान की फसल भीग रही है और किसानों को डर है कि नमी से धान की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

क्षेत्र के किसान उचित मंडल, जयप्रकाश रावत और फुलेश्वर रावत ने बताया कि लगातार बारिश से धान की फसल में फट्टा, हरदवा और कीड़े लगने की आशंका सता रही है। फसल कटने के बाद उसे सुखाकर सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती है।

यदि बारिश होती रही, तो तैयार धान की गुणवत्ता प्रभावित होने से आर्थिक नुकसान हो सकता है।

चाचो गांव निवासी 55 वर्षीय किसान अनिल कुमार सिंह ने बताया कि कई जगहों पर धान की कटाई हो चुकी है और लगातार बारिश से कटी फसल को बचाना मुश्किल हो रहा है। बारिश के कारण कटाई और सुरक्षित भंडारण दोनों काम प्रभावित हो रहे हैं।

मौसम जल्द साफ नहीं हुआ तो किसानों को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है।

फिलहाल किसान बारिश थमने और धूप निकलने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि कटी फसल को सुखाकर सुरक्षित रखा जा सके और खेतों में खड़ी धान की कटाई पूरी की जा सके। जिले में बारिश से आम जनजीवन के साथ कृषि क्षेत्र में भी चिंता बढ़ गई है और मौसम विभाग द्वारा तीन दिनों तक बारिश की संभावना का अलर्ट है।

Aditi Chauhan
लेखक परिचय

Aditi Chauhan

Climate & Weather Explainer Writer

Aditi Chauhan, Mausam Breaking के Explainers Desk से जुड़ी हैं। वे मानसून, चक्रवात, पश्चिमी विक्षोभ, El Niño, La Niña और अन्य मौसम प्रणालियों से जुड़े विषयों को सरल भाषा में समझाने वाले articles तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य जटिल मौसम विज्ञान संबंधी विषयों को आम पाठकों के लिए आसान और उपयोगी बनाना है।