दिल्ली एनसीआर प्रदूषण, मौसम ब्रेकिंग (नई दिल्ली): बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान अर्नब और उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर में बारिश और तेज हवाएं चलीं, लेकिन प्रदूषण के स्तर में खास सुधार नहीं हुआ। बृहस्पतिवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 222 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है, हालांकि बुधवार के 229 के मुकाबले इसमें सात अंकों की मामूली गिरावट आई है।
भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले छह दिनों तक हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में रहने की आशंका बनी हुई है। बृहस्पतिवार तड़के से ही दिल्ली में घने बादल छाए रहे और कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं, फिर भी प्रदूषण से बड़ी राहत नहीं मिल पाई।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 29 अक्तूबर के आंकड़ों के अनुसार, एनसीआर के कई शहर दिल्ली से ज्यादा प्रदूषित रहे। राजस्थान के भिवाड़ी में एक्यूआई 302 दर्ज किया गया जो बेहद खराब श्रेणी में है, जबकि बल्लभगढ़ में 274, गुरुग्राम में 240, नोएडा में 222 और ग्रेटर नोएडा में 214 एक्यूआई दर्ज किया गया है।
बारिश और तेज हवाएं आमतौर पर प्रदूषक कणों को कम करने में मदद करती हैं, लेकिन प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण इसका अपेक्षित असर देखने को नहीं मिला। आईआईटीएम के अनुसार वेंटिलेशन इंडेक्स 3000 रहा जो मानक से करीब 50 फीसदी कम है, जिससे प्रदूषक कण वातावरण से प्रभावी ढंग से बाहर नहीं निकल सके।
पूर्वानुमान के अनुसार 30 और 31 अक्तूबर को वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार हो सकता है, लेकिन एक नवंबर से हवा के एक बार फिर खराब श्रेणी में पहुंचने की पूरी आशंका है।
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