गुमला में चक्रवात अर्नब के असर से बारिश, किसानों की बढ़ी चिंता

गुमला मौसम: गुमला मौसम, मौसम ब्रेकिंग (गुमला): चक्रवात अर्नब के असर से गुमला जिले में बुधवार को झमाझम बारिश और बादलों का डेरा रहा, जिससे तैयार धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है और किसानों की चिंता गहरी हो गई है।

मौसम ब्रेकिंग — प्रतीकात्मक मौसम तस्वीर

गुमला मौसम, मौसम ब्रेकिंग (गुमला): चक्रवात अर्नब का असर बुधवार को गुमला जिले में देखने को मिला, जहां सुबह से ही आसमान में बादल छाये रहे। सुबह करीब सात बजे हल्की बारिश हुई, जबकि दोपहर चार बजे के बाद फिर से बारिश शुरू हो गयी जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

चक्रवात की आशंका को देखते हुए जिले के स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है, हालांकि अब तक जिले में किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है। मौसम में आए इस अचानक बदलाव से किसानों की चिंता काफी बढ़ गयी है।

वर्तमान में खेतों में धान की फसल पककर तैयार होने की स्थिति में है और ऐसे में इस बारिश तथा तेज हवा से फसल को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। किसान अपनी तैयार फसल को सुरक्षित रखने के लिए लगातार जरूरी उपाय करने में जुटे हुए हैं।

यह भी पढ़ें: Arnab तूफान का असर शुरू, काटने को तैयार धान पर बारिश की मार; भगवान भरोसे किसान

लगातार हो रही इस बारिश के कारण खेतों में मौजूद तैयार धान की फसल के प्रभावित होने का खतरा पूरी तरह बना हुआ है। दूसरी ओर, पालकोट प्रखंड में विद्यालय बंद रहने की सूचना समय पर नहीं मिलने से कुछ विद्यार्थियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।

केसीडीह गांव के बच्चे करीब 13 किलोमीटर की लंबी दूरी तय कर करौंदाबेड़ा स्कूल पढ़ाई करने पहुंच गये थे लेकिन वहां पहुंचने पर उन्हें विद्यालय बंद रहने की जानकारी मिली। समय पर सूचना नहीं मिलने के कारण बच्चों को बेवजह लंबी दूरी तय कर वापस लौटना पड़ा।

यह भी पढ़ें: चक्रवाती तूफान अर्नब के असर से उत्तर छत्तीसगढ़ में बदला मौसम

यह भी पढ़ें: नवादा में चक्रवाती तूफान अर्नब का अलर्ट, तेज हवा और बारिश से फसल पर मंडराया खतरा

Aditi Chauhan
लेखक परिचय

Aditi Chauhan

Climate & Weather Explainer Writer

Aditi Chauhan, Mausam Breaking के Explainers Desk से जुड़ी हैं। वे मानसून, चक्रवात, पश्चिमी विक्षोभ, El Niño, La Niña और अन्य मौसम प्रणालियों से जुड़े विषयों को सरल भाषा में समझाने वाले articles तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य जटिल मौसम विज्ञान संबंधी विषयों को आम पाठकों के लिए आसान और उपयोगी बनाना है।