दिल्ली-नोएडा-गाजियाबाद में एक्यूआई 450 के पार, सड़कों की धूल बनी मुसीबत

दिल्ली-नोएडा-गाजियाबाद एक्यूआई 450 के पार: एनसीआर में मौसम ने करवट लेना शुरू कर दिया है और रातें ठंडी होने लगी हैं, लेकिन हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है। दिल्ली के कई इलाकों में एक्यूआई 400 से 450 के बीच दर्ज हुआ है, जबकि नोएडा के सेक्टर-62 में 426 तक पहुंच गया है। सड़क निर्माण से उड़ती धूल प्रदूषण को और बढ़ा रही है।

दिल्ली-नोएडा-गाजियाबाद एक्यूआई 450 के पार, Mausam Breaking (नई दिल्ली, एनसीआर): नई दिल्ली, 4 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली समेत पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में मौसम ने करवट लेना शुरू कर दिया है।

दिन की तुलना में अब रातें ठंडी होने लगी हैं।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, अगले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 14 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 4 नवंबर से 9 नवंबर तक आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा, लेकिन हवा की गुणवत्ता ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

राजधानी दिल्ली की हवा जहरीली हो चुकी है।

वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) दिल्ली के कई इलाकों में 400 और 450 के पार पहुंच गया है, जिसे ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा जाता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के जहांगीरपुरी में एक्यूआई 450 दर्ज किया गया।

वहीं, आईआईटी दिल्ली में 453, अलीपुर में 422, आईटीओ में 421 और बवाना में 411 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया।

इसके अलावा आनंद विहार (302), अशोक विहार (348), आया नगर (382), बुराड़ी क्रॉसिंग (393) और जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम (411) जैसे इलाकों में भी हवा की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है।

दिल्ली से सटे नोएडा और गाजियाबाद में भी हवा की गुणवत्ता चिंताजनक है। नोएडा के सेक्टर-62 में एक्यूआई 426 तक पहुंच गया है, जबकि सेक्टर-150 में 351, सेक्टर-110 में 349 और सेक्टर-39 में 321 एक्यूआई दर्ज किया गया।

हालांकि, सेक्टर-125 (243) और सेक्टर-116 (261) में हवा कुछ राहत देने वाली है, लेकिन यह अभी भी ‘खराब’ श्रेणी में ही है।

गाजियाबाद की बात करें तो यहां के लोनी में एक्यूआई 304, संजय नगर में 308 और वेव सिटी में 312 दर्ज किया गया। नोएडा में प्रदूषण के बढ़ते स्तर के पीछे एक बड़ी वजह सड़क निर्माण का कार्य भी है।

शहर के कई इलाकों में अभी भी सड़क निर्माण से जुड़े कार्य जारी हैं, जिससे सड़कें धूल से पटी हुई हैं। उड़ती हुई यह धूल हवा में घुलकर एक्यूआई को और अधिक खराब कर रही है।

सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए न तो नोएडा प्राधिकरण और न ही नोएडा पीसीबी (प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) कोई ठोस कदम उठाते हुए नजर आ रहे हैं। आईएमडी के डेटा के अनुसार, 4 नवंबर को अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 15 डिग्री रहेगा।

5 और 6 नवंबर को तापमान 29 डिग्री तक जा सकता है। वहीं, 7 नवंबर से फिर से तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री पर आ जाएगा।

9 नवंबर तक न्यूनतम तापमान 14 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है।

एनसीआर के लोग इस समय जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। डॉक्टरों के अनुसार, इस स्तर का प्रदूषण खासकर बुजुर्गों, बच्चों और अस्थमा व हृदय रोगियों के लिए बेहद घातक है।

Neha Singh

Neha Singh, Mausam Breaking में Senior Copy & SEO Editor हैं। वे articles की भाषा, headline clarity, search intent, internal linking और overall readability पर काम करती हैं। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मौसम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी search engines के लिए technically clear होने के साथ-साथ पाठकों के लिए भी उपयोगी और स्वाभाविक बनी रहे।

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