मुरासु कमजोर, फिर भी छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के आसार; 11 जिलों में यलो अलर्ट

छत्तीसगढ़ भारी बारिश अलर्ट मुरासु: चक्रवात मुरासु के कमजोर पड़ने के बावजूद राजधानी रायपुर से बस्तर संभाग तक मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग ने बुधवार, 4 नवंबर को प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं की संभावना जताई है। सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर सहित 11 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।

छत्तीसगढ़ भारी बारिश अलर्ट मुरासु, Mausam Breaking (छत्तीसगढ़): चक्रवात मुरासु का असर कमजोर पड़ने के बावजूद छत्तीसगढ़ का मौसम अभी बदला हुआ है। राजधानी रायपुर से लेकर बस्तर संभाग तक बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं।

मंगलवार को रायपुर में दिनभर बादल छाए रहे और शाम को झमाझम बारिश हुई। वहीं बस्तर के कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश होती रही।

बारिश के कारण त्योहारी सीजन में दीपावली की खरीदारी भी प्रभावित हुई। कई सड़कों और निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात मुरासु कमजोर जरूर हो रहा है, लेकिन इसका असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर बना रह सकता है। बुधवार, 4 नवंबर को प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है।

इसके साथ ही गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर बना प्रचंड चक्रवाती तूफान मुरासु उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है। 3 नवंबर को दोपहर तक इसके कमजोर होकर चक्रवाती तूफान में बदलने और आधी रात तक गहन अवदाब में तब्दील होने की संभावना जताई गई थी।

तूफान की ताकत कम होने के बाद भी इसका प्रभाव छत्तीसगढ़ में देखने को मिल सकता है। खासकर रायपुर और बस्तर संभाग में बारिश की गतिविधियां सक्रिय रहने का अनुमान है, और दक्षिणी छत्तीसगढ़ के जिलों में इसका असर ज्यादा दिखाई दे सकता है।

रायपुर में मंगलवार को मौसम दिनभर बदला रहा। सुबह से बादल छाए रहे और शाम होते-होते तेज बारिश शुरू हो गई।

इससे बाजारों में दीपावली की खरीदारी करने पहुंचे लोगों को परेशानी हुई और कई जगह सड़कों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ। बुधवार को रायपुर में आकाश आंशिक रूप से मेघमय रहने का अनुमान है, जहां अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में एक-दो स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश दर्ज की गई। इस दौरान रायपुर में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड में 17.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

नमी और बादलों के कारण कई इलाकों में गर्मी और उमस से राहत मिली है।

मौसम विभाग ने 4 नवंबर को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

बुधवार सुबह विभाग ने सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर, कांकेर, धमतरी, बालोद और राजनांदगांव सहित 11 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अचानक मौसम बदल सकता है और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।

ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है। अलर्ट वाले जिलों में रहने वाले लोग मौसम की स्थिति पर नजर रखें और गरज-चमक तथा तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतें।

Priya Verma

Priya Verma, Mausam Breaking की Hindi Editorial Team से जुड़ी हैं। वे विभिन्न राज्यों और शहरों के मौसम पूर्वानुमान, बारिश की संभावना, तापमान में बदलाव और स्थानीय मौसम परिस्थितियों से संबंधित खबरों को सरल हिंदी में प्रस्तुत करती हैं। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य technical weather information को आम पाठक के लिए आसानी से समझने योग्य बनाना है।

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