बिहार में ठंड की दस्तक और मुरासु चक्रवात, Mausam Breaking (पटना): बंगाल की खाड़ी में उठा मुरासु चक्रवात बिहार के मौसम को सीधे तौर पर प्रभावित नहीं करेगा। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि इसका बिहार पर कोई खास असर नहीं होगा, लेकिन यह हवा के पैटर्न को आंशिक रूप से प्रभावित जरूर करेगा।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पिछले दिनों प्रभाव हुए अर्नब और फिलवक्त मुरासु के कारण पछुआ हवा को सूबे में अपना प्रभाव बनाने में अधिक समय लगेगा। हफ्ते भर में दो चक्रवातों के सक्रिय होने से ठंड की दस्तक में आंशिक देरी हो रही है।
इधर, हफ्ते भर की तेजी के बाद प्रदेश में न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे गिरावट का दौर शुरू हो गया है। तापमान गिरने से लोगों को सुबह और रात के वक्त हल्की ठंड का एहसास हो रहा है।
उत्तर-पूर्व बिहार के जिलों भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज में देर रात के बाद से ही घना कोहरा और धुंध छाने लगा है। मौसम में आए इस बदलाव ने वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
राज्य के कई राष्ट्रीय राजमार्गों और राजकीय राजमार्गों पर विजिबिलिटी घटने लगी है, लेकिन सड़कों पर सुरक्षा के लिहाज से सबसे अहम मानी जाने वाली सफेद पट्टियां कई जगहों से गायब हो चुकी हैं। सड़क हादसों के आंकड़ों पर नजर डालें तो कोहरे के सीजन में लापरवाही भारी पड़ रही है।
पूर्णिया समेत सीमांचल में मुरासु का असर नहीं दिखेगा। मंगलवार को मौसम शुष्क बना रहा।
दिन में धूप के कारण गर्मी का असर बरकरार रहा, जबकि सुबह और शाम के समय तापमान में नरमी से लोगों को राहत मिली। आने वाले दिनों में सुबह और रात के समय हल्की ठंडक महसूस होने लगी है।
दिन और रात के तापमान में अंतर के कारण दोपहर में गर्मी और सुबह-शाम सुहावना मौसम बना हुआ है।
तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण सर्दी, खांसी, बुखार और वायरल संक्रमण की शिकायत बढ़ने की आशंका रहती है। बच्चों और बुजुर्गों को बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और सुबह व शाम हल्के गर्म कपड़े पहनने चाहिए।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।











