चक्रवात अर्णब मध्य प्रदेश के कई जिलों में मचाएगा गदर, भारी बारिश की आशंका

चक्रवात अर्णब मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश में अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में मौसम का मिजाज अलग-अलग बना हुआ है। एक ओर अधिकांश क्षेत्रों में बारिश नहीं होने से मौसम शुष्क है, वहीं दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात अर्णब मध्य भारत के कुछ हिस्सों में मौसमी गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग 28 अक्टूबर.

प्रतीकात्मक तस्वीर: चक्रवात अर्णब मध्य प्रदेश
प्रतीकात्मक तस्वीर. Photo: Devansh Bose / Pexels

चक्रवात अर्णब मध्य प्रदेश, मौसम ब्रेकिंग (भोपाल): मध्य प्रदेश में अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में मौसम का मिजाज अलग-अलग बना हुआ है। एक ओर अधिकांश क्षेत्रों में बारिश नहीं होने से मौसम शुष्क है, वहीं दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात अर्णब मध्य भारत के कुछ हिस्सों में मौसमी गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग 28 अक्टूबर 2026 को जारी जानकारी के अनुसार, पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके विपरीत पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

मौसम विश्लेषक शैलेन्द्र कुमार नायक के अनुसार, अर्णब चक्रवात के तट पार करने के बाद भी उससे जुड़ा वायुमंडलीय परिसंचरण और नमी कुछ क्षेत्रों में बादलों तथा बारिश की गतिविधियों को प्रभावित कर सकते हैं।

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मध्य प्रदेश में 27 अक्टूबर की सुबह तक उपलब्ध मौसम रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश के 32 मौसम केंद्रों के पिछले 24 घंटे की अवधि में बारिश दर्ज नहीं हुई थी। तापमान के आंकड़ों में उज्जैन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और पचमढ़ी का न्यूनतम तापमान 13.8 डिग्री सेल्सियस रहा।

डॉ. नायक के अनुसार, प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान की स्थिति एक जैसी नहीं है।

मैदानी क्षेत्रों में दिन के समय गर्मी महसूस हो सकती है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में रातें अपेक्षाकृत ठंडी रह सकती हैं।

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आईएमडी के अनुसार, अर्णब ने 27 अक्टूबर की रात से 28 अक्टूबर की सुबह के बीच आंध्र प्रदेश और यानम के तट को पार किया। तट पार करते समय इसकी अधिकतम निरंतर हवाओं की गति 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा थी, जबकि झोंकों की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटा तक बताई गई।

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एमपी तक असर डालने वाले चक्रवात को लेकर दी गई जानकारी अनुसार 28 अक्टूबर को सुबह यह प्रचंड चक्रवाती तूफान की श्रेणी में आ गया था। इसका केंद्र आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र में नरसापुर के निकट बताया गया और अगले 48 घंटों के दौरान इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने तथा धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना जताई गई थी।

चक्रवात से जुड़े बादलों, नमी और वायुमंडलीय परिसंचरण के कारण मध्य भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। IMD भोपाल की 28 अक्टूबर को जारी चेतावनी में पूर्वी एमपी के लिए भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए कोई चेतावनी नहीं बताई गई है।

पूर्वी मध्य प्रदेश के जिन इलाकों में बारिश की चेतावनी दी गई है, वहां किसानों को कटी हुई उपज सुरक्षित रखने और कटाई-मड़ाई जैसे कृषि कार्य स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार तय करने की सलाह दी गई है। गरज-चमक की स्थिति में खुले खेतों में काम करने से बचना चाहिए।

कटी हुई फसल और कृषि उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें तथा कटाई, मड़ाई और छिड़काव के लिए स्थानीय मौसम पूर्वानुमान देखें। बिजली चमकने पर खुले मैदान, अकेले खड़े पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।

मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र नायक के अनुसार, चक्रवात अर्णब के कमजोर होने के बावजूद उससे जुड़ी मौसमी गतिविधियों का असर कुछ क्षेत्रों में बना रह सकता है। पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट दिया गया है और लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है।

Aditi Chauhan
लेखक परिचय

Aditi Chauhan

Climate & Weather Explainer Writer

Aditi Chauhan, Mausam Breaking के Explainers Desk से जुड़ी हैं। वे मानसून, चक्रवात, पश्चिमी विक्षोभ, El Niño, La Niña और अन्य मौसम प्रणालियों से जुड़े विषयों को सरल भाषा में समझाने वाले articles तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य जटिल मौसम विज्ञान संबंधी विषयों को आम पाठकों के लिए आसान और उपयोगी बनाना है।