दिल्ली एयरपोर्ट स्काईकास्ट मौसम पूर्वानुमान सिस्टम कोहरा, Mausam Breaking (नई दिल्ली): सर्दियों में IGI एयरपोर्ट पर कई बार कम विजिबिलिटी के कारण फ्लाइट्स की लैंडिंग और टेकऑफ रोकनी पड़ती है। इस चुनौती से निपटने के लिए एयरपोर्ट पर तकनीक और बुनियादी ढांचे को मजबूत किया गया है।
इस बार स्काईकास्ट मौसम पूर्वानुमान सिस्टम से फ्लाइट्स का संचालन बेहतर होने की उम्मीद है। भारत में पहली बार स्काईकास्ट सिस्टम दिल्ली एयरपोर्ट पर लगाया गया है।
यह आधुनिक एविगेशन वेदर मॉनिटेरिंग सिस्टम है।
यह हवा की गति और दिशा, नमी, तापमान, कोहरे की संरचना और वायुमंडल में होने वाली हलचल पर नजर रखता है। यह हर 5 मिनट में मौसम का अपडेट दे सकता है और करीब तीन घंटे पहले तक मौसम में होने वाले बदलावों का संकेत देने में मदद करता है।
इससे पायलट, एयर ट्रैफिक कंट्रोल और एयरलाइंस को पहले से तैयारी करने का मौका मिलेगा।
खासकर कोहरे की स्थिति, विंड शीयर और टर्बुलेंस की जानकारी मिलने से लैंडिंग और टेकऑफ के फैसले लेने में मदद मिलेगी। हालांकि, घने कोहरे के दौरान इसकी असल परीक्षा होगी।
कम विजिबिलिटी में टेकऑफ पर रोक: कोहरे में टेकऑफ और लैंडिंग के लिए अलग-अलग मानक है। सामान्य तौर पर कम विजिबिलिटी में टेकऑफ के लिए न्यूनतम रनवे विजुअल रेंज (RVR) 125 मीटर की जरूरत पड़ सकती है।
हालांकि, ये सीमाएं विमान, एयरलाइन की मंजूरी, रनवे की सुविधा और पायलट की योग्यता पर निर्भर करती है।
50 मीटर से कम विजिबिलिटी में हर विमान की लैंडिंग संभव नहीं होती। डीजीसीए ने विमानों के टेकऑफ और लैंडिंग के लिए अलग मानक तय किए हैं।
हालांकि, कई बार तय मानकों के कारण संचालन प्रभावित होता है।














