Kal Ka Mausam 5 October 2026: 5 अक्टूबर 2026 को देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग रहेगा। IMD की 4 अक्टूबर को जारी ताजा चेतावनियों के अनुसार तमिलनाडु-पुडुचेरी, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी है। दूसरी ओर हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली और राजस्थान के लिए 5 अक्टूबर को कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में गरज-चमक का दौर बना रह सकता है।
तमिलनाडु-पुडुचेरी और केरल में 5 अक्टूबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक की चेतावनी जारी की गई है।
दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश की चेतावनी है, लेकिन पूरे कर्नाटक के लिए एक जैसी भारी बारिश की चेतावनी नहीं है।
हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली और पूर्वी-पश्चिमी राजस्थान में 5 अक्टूबर के लिए IMD ने कोई चेतावनी जारी नहीं की है। हालांकि “कोई चेतावनी नहीं” का अर्थ हर स्थान पर बारिश की संभावना शून्य होना नहीं है।
नई दिल्ली। अक्टूबर की शुरुआत के साथ देश के मौसम में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में फिलहाल किसी बड़े मौसमी खतरे की चेतावनी नहीं है, जबकि दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में भारी बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने वाला है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग की 4 अक्टूबर को जारी ताजा चेतावनियों के अनुसार 5 अक्टूबर को तमिलनाडु-पुडुचेरी, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।
वहीं हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान के लिए कोई चेतावनी नहीं दी गई है।
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पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
ऐसे में अगर आप सोमवार 5 अक्टूबर को यात्रा करने वाले हैं या खेती-किसानी से जुड़ा काम है तो अपने जिले का स्थानीय पूर्वानुमान जरूर देख लें।
हरियाणा में 5 अक्टूबर को कैसा रहेगा मौसम?
हरियाणा के लिए राहत की बात यह है कि IMD के चंडीगढ़ मौसम केंद्र ने 5 अक्टूबर के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की है।
हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली वाले मौसम उपखंड में 4 अक्टूबर और 5 अक्टूबर दोनों दिन किसी गंभीर मौसम चेतावनी का संकेत नहीं दिया गया है।
6 अक्टूबर को भी फिलहाल कोई चेतावनी नहीं है।
इसके बाद मौसम में बदलाव की संभावना बढ़ती दिखाई दे रही है।
ताजा चेतावनी के अनुसार 7, 8 और 9 अक्टूबर को हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली क्षेत्र में गरज-चमक और तेज हवा से जुड़ी गतिविधियों की चेतावनी दी गई है।
इसलिए किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों को सप्ताह के मध्य के पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए।
दिल्ली में 5 अक्टूबर को बारिश होगी?
दिल्ली-एनसीआर के लिए 5 अक्टूबर को फिलहाल किसी बड़े मौसम खतरे की चेतावनी नहीं है।
इसका मतलब यह है कि भारी बारिश, तेज आंधी या दूसरे गंभीर मौसम को लेकर 5 अक्टूबर के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
लेकिन यहां एक अंतर समझना जरूरी है।
IMD का “No Warning” यानी कोई चेतावनी नहीं होना, बारिश की संभावना पूरी तरह शून्य होने के बराबर नहीं होता।
स्थानीय बादल या हल्की मौसमी गतिविधि चेतावनी स्तर तक पहुंचे बिना भी हो सकती है।
इसलिए दिल्ली में किसी खास समय और इलाके की बारिश जानने के लिए स्थानीय पूर्वानुमान और तात्कालिक मौसम सूचना ज्यादा उपयोगी रहेगी।
पंजाब में भी 5 अक्टूबर को कोई चेतावनी नहीं
पंजाब के लिए भी 5 अक्टूबर को IMD ने कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की है।
6 अक्टूबर तक स्थिति इसी तरह रहने का संकेत है।
लेकिन 7 से 9 अक्टूबर के दौरान पंजाब में भी गरज-चमक और तेज हवा से जुड़ी गतिविधियों की चेतावनी दिखाई गई है।
इसका मतलब है कि उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम का अगला बदलाव 5 अक्टूबर के बजाय सप्ताह के मध्य में ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है।
राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम?
राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों के लिए 5 अक्टूबर को कोई मौसम चेतावनी नहीं है।
IMD जयपुर की 4 अक्टूबर को जारी चेतावनी के अनुसार पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 4 से 10 अक्टूबर तक फिलहाल कोई चेतावनी नहीं दिखाई गई है।
राजस्थान के कई हिस्सों में दिन का तापमान अभी भी ऊंचा बना हुआ है।
लेकिन शहरवार तापमान में काफी अंतर हो सकता है, इसलिए पूरे राजस्थान के लिए एक ही 30 से 42 डिग्री का दायरा बताने के बजाय स्थानीय शहर का पूर्वानुमान देखना बेहतर होगा।
उत्तर प्रदेश में क्या रहेगा मौसम?
उत्तर प्रदेश को लेकर “पूरे राज्य में मौसम शुष्क रहेगा” जैसी एक पंक्ति में निष्कर्ष निकालना ठीक नहीं होगा।
पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की मौसमी स्थिति अलग हो सकती है और स्थानीय स्तर पर बादलों या हल्की बारिश की संभावना भी बदल सकती है।
किसी जिले में भारी बारिश की चेतावनी न होना और बारिश की कोई संभावना न होना दो अलग बातें हैं।
इसलिए लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, नोएडा या दूसरे शहरों के लिए स्थानीय पूर्वानुमान अलग से देखना चाहिए।
तमिलनाडु और पुडुचेरी में भारी बारिश की चेतावनी
दक्षिण भारत में 5 अक्टूबर का मौसम ज्यादा सक्रिय रहने वाला है।
IMD के चेन्नई क्षेत्रीय मौसम केंद्र ने तमिलनाडु और पुडुचेरी में 5 अक्टूबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक की चेतावनी जारी की है।
यह चेतावनी 6 अक्टूबर को भी जारी है।
इसके बाद 7 और 8 अक्टूबर को गरज-चमक की गतिविधियों की चेतावनी बनी हुई है।
ऐसे में तमिलनाडु और पुडुचेरी के संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय जिला चेतावनी पर नजर रखनी चाहिए।
केरल में भी भारी बारिश का अलर्ट
केरल में भी 5 अक्टूबर को मौसम सक्रिय रहेगा।
IMD के तिरुवनंतपुरम मौसम केंद्र ने 5 अक्टूबर के लिए भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी जारी की है।
6 अक्टूबर को भी भारी बारिश की चेतावनी बनी हुई है।
हालांकि पूरे राज्य में हर स्थान पर एक जैसी बारिश नहीं होगी। भारी बारिश की चेतावनी का अर्थ है कि राज्य के कुछ हिस्सों में तेज बारिश की स्थिति बन सकती है।
जिला स्तर की चेतावनी देखकर ही यात्रा या बाहरी गतिविधियों की योजना बनाना बेहतर रहेगा।
कर्नाटक में पूरे राज्य में भारी बारिश नहीं
कर्नाटक को लेकर raw weather update में पूरे राज्य के लिए भारी बारिश जैसा संकेत दिया गया था, लेकिन ताजा IMD चेतावनी इससे ज्यादा स्पष्ट तस्वीर देती है।
5 अक्टूबर को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश की चेतावनी है।
वहीं तटीय कर्नाटक और उत्तर आंतरिक कर्नाटक के लिए इसी दिन कोई चेतावनी नहीं दी गई है।
दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 6 अक्टूबर को भी भारी बारिश की चेतावनी जारी है।
इसलिए “कर्नाटक में भारी बारिश” के बजाय “दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश” कहना अधिक सटीक है।
पश्चिम बंगाल में स्थिति कैसी रहेगी?
पश्चिम बंगाल में भी क्षेत्र के अनुसार मौसम अलग रहने वाला है।
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 5 अक्टूबर को गरज-चमक की चेतावनी है।
लेकिन 4 अक्टूबर को यहां जो भारी बारिश की चेतावनी थी, वह 5 अक्टूबर के लिए उसी रूप में जारी नहीं है।
गंगीय पश्चिम बंगाल में 5 अक्टूबर को कोई चेतावनी नहीं दी गई है।
इसलिए पूरे पश्चिम बंगाल के लिए 5 अक्टूबर को भारी बारिश का अलर्ट बताना सही नहीं होगा।
पूर्वोत्तर भारत में कहां बदल सकता है मौसम?
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा वाले मौसम उपखंड में 5 अक्टूबर को गरज-चमक से जुड़ी चेतावनी है।
लेकिन अरुणाचल प्रदेश के लिए 4 अक्टूबर की भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी के बाद 5 अक्टूबर को कोई चेतावनी नहीं दी गई है।
इससे साफ है कि पूर्वोत्तर भारत को भी एक ही तरह की भारी बारिश वाली पट्टी मानना सही नहीं होगा।
राज्य और उपखंड के अनुसार चेतावनी अलग है।
5 अक्टूबर को कहां है भारी बारिश की पुष्टि?
4 अक्टूबर को उपलब्ध IMD चेतावनियों के आधार पर प्रमुख स्थिति इस प्रकार है:
| क्षेत्र | 5 अक्टूबर की IMD चेतावनी |
|---|---|
| हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली | कोई चेतावनी नहीं |
| पंजाब | कोई चेतावनी नहीं |
| पूर्वी राजस्थान | कोई चेतावनी नहीं |
| पश्चिमी राजस्थान | कोई चेतावनी नहीं |
| तमिलनाडु-पुडुचेरी | भारी बारिश + गरज-चमक |
| केरल | भारी बारिश + गरज-चमक |
| दक्षिण आंतरिक कर्नाटक | भारी बारिश |
| तटीय कर्नाटक | कोई चेतावनी नहीं |
| उत्तर आंतरिक कर्नाटक | कोई चेतावनी नहीं |
| उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम | गरज-चमक |
| गंगीय पश्चिम बंगाल | कोई चेतावनी नहीं |
| नागालैंड-मणिपुर-मिजोरम-त्रिपुरा | गरज-चमक |
| अरुणाचल प्रदेश | कोई चेतावनी नहीं |
नोट: यह तालिका IMD की चेतावनी बताती है, बारिश की हर स्थानीय संभावना नहीं। “कोई चेतावनी नहीं” का मतलब उस क्षेत्र में हर जगह पूरी तरह शुष्क मौसम की गारंटी नहीं है।
6 अक्टूबर को भी दक्षिण भारत में बारिश का जोर
5 अक्टूबर के बाद भी दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर खत्म नहीं होगा।
तमिलनाडु-पुडुचेरी और केरल में 6 अक्टूबर को भी भारी बारिश की चेतावनी जारी है।
दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 6 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी है।
इसलिए इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अगले दिन का ताजा जिला स्तर का मौसम बुलेटिन जरूर देखना चाहिए।
हरियाणा-दिल्ली में 7 अक्टूबर से बदल सकता है मौसम
उत्तर-पश्चिम भारत में ज्यादा महत्वपूर्ण बदलाव 7 अक्टूबर से दिखाई दे सकता है।
IMD के चंडीगढ़ मौसम केंद्र की चेतावनी में हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली और पंजाब के लिए 7 से 9 अक्टूबर के बीच गरज-चमक और तेज हवा से जुड़ी गतिविधियां दिखाई गई हैं।
अभी इसमें बदलाव भी संभव है, क्योंकि कई दिन आगे का पूर्वानुमान नई मौसमी परिस्थितियों के साथ संशोधित किया जा सकता है।
इसलिए किसान 6 अक्टूबर की शाम या 7 अक्टूबर की सुबह जारी होने वाला ताजा पूर्वानुमान जरूर देखें।
किसानों के लिए जरूरी मौसम अपडेट
हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में 5 अक्टूबर को कोई बड़ी चेतावनी नहीं होने के कारण खेतों में चल रहे काम के लिए मौसम अपेक्षाकृत अनुकूल रह सकता है।
लेकिन किसानों को केवल राज्य स्तरीय चेतावनी के आधार पर फैसला नहीं करना चाहिए।
धान कटाई, नरमा-कपास की तुड़ाई, मंडी तक फसल पहुंचाने या सिंचाई की योजना से पहले अपने जिले का ताजा पूर्वानुमान देखना बेहतर रहेगा।
विशेषकर हरियाणा और पंजाब में 7 अक्टूबर से संभावित गरज-चमक को देखते हुए अगले कुछ दिनों के पूर्वानुमान पर नजर रखना जरूरी है।
बारिश वाले इलाकों में क्या सावधानी रखें?
तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के जिन जिलों में भारी बारिश की स्थानीय चेतावनी जारी हो, वहां जलभराव वाले रास्तों से बचें।
गरज-चमक के दौरान खुले खेत, पेड़ के नीचे और खुले ऊंचे स्थान पर खड़े होने से बचना चाहिए।
यात्रा से पहले स्थानीय मौसम और सड़क की स्थिति देखना उपयोगी रहेगा।





