राजस्थान में अक्टूबर शुरू हो चुका है, लेकिन दिन की गर्मी फिलहाल कम होने का नाम नहीं ले रही। राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास या इससे ऊपर दर्ज किया गया है।
सबसे अधिक गर्मी पिलानी में देखने को मिली, जहां 3 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। यह सामान्य से 5.7 डिग्री अधिक था।
इस बीच बारिश को लेकर भी स्थिति काफी स्पष्ट है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के जयपुर केंद्र की ओर से 4 अक्टूबर को जारी latest warning के अनुसार फिलहाल राजस्थान में अगले कई दिनों के लिए कोई weather warning नहीं है।
4 अक्टूबर को राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम?
IMD के ताजा warning outlook में East Rajasthan और West Rajasthan दोनों के लिए 4 अक्टूबर को No Warning है।
इसका मतलब फिलहाल राज्य में भारी बारिश, आंधी, बिजली या दूसरे warning-level weather event को लेकर कोई सक्रिय चेतावनी जारी नहीं है।
हालांकि “No Warning” का अर्थ यह नहीं होता कि किसी स्थान पर स्थानीय स्तर पर बादल या बहुत हल्की मौसम गतिविधि बिल्कुल नहीं हो सकती। इसका मतलब है कि IMD की मौजूदा warning में चेतावनी योग्य मौसम घटना नहीं दिखाई गई है।
10 अक्टूबर तक कोई चेतावनी नहीं
IMD जयपुर – उपखंड-वार चेतावनी आउटलुक (4 अक्टूबर 2026 को जारी)
| तारीख | पूर्वी राजस्थान (East Rajasthan) | पश्चिमी राजस्थान (West Rajasthan) |
|---|---|---|
| 4 अक्टूबर 2026 | No Warning (कोई चेतावनी नहीं) | No Warning (कोई चेतावनी नहीं) |
| 5 अक्टूबर 2026 | No Warning (कोई चेतावनी नहीं) | No Warning (कोई चेतावनी नहीं) |
| 6 अक्टूबर 2026 | No Warning (कोई चेतावनी नहीं) | No Warning (कोई चेतावनी नहीं) |
| 7 अक्टूबर 2026 | No Warning (कोई चेतावनी नहीं) | No Warning (कोई चेतावनी नहीं) |
| 8 अक्टूबर 2026 | No Warning (कोई चेतावनी नहीं) | No Warning (कोई चेतावनी नहीं) |
| 9 अक्टूबर 2026 | No Warning (कोई चेतावनी नहीं) | No Warning (कोई चेतावनी नहीं) |
| 10 अक्टूबर 2026 | No Warning (कोई चेतावनी नहीं) | No Warning (कोई चेतावनी नहीं) |
पिलानी में पारा 41.2 डिग्री तक पहुंचा
बारिश की गतिविधियां कमजोर होने के साथ राजस्थान के कई इलाकों में दिन का तापमान ऊंचा बना हुआ है।
IMD के 4 अक्टूबर morning weather report के मुताबिक पिलानी में पिछले दिन अधिकतम तापमान 41.2°C दर्ज हुआ।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह सामान्य से 5.7 डिग्री सेल्सियस अधिक था।
जैसलमेर भी काफी गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 40.7°C रिकॉर्ड किया गया।
बाड़मेर और चूरू में भी 40°C पार
पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान के कई हिस्सों में गर्मी का असर बना हुआ है।
बाड़मेर में अधिकतम तापमान 40.2°C दर्ज हुआ, जबकि चूरू में पारा 40.0°C तक पहुंचा।
बीकानेर में 39.8°C और श्रीगंगानगर में 39.6°C अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
जोधपुर में पारा 38.7°C रहा।
जयपुर में सामान्य से 2.8 डिग्री ज्यादा तापमान
राजधानी जयपुर में भी दिन अपेक्षाकृत गर्म रहा।
IMD के आंकड़ों के अनुसार जयपुर में 3 अक्टूबर का अधिकतम तापमान 37.4°C दर्ज हुआ, जो सामान्य से करीब 2.8°C अधिक था।
न्यूनतम तापमान 26.0°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.9°C ऊपर था।
इससे साफ है कि अक्टूबर शुरू होने के बावजूद राजधानी में रात के तापमान में भी अभी पूरी तरह राहत नहीं आई है।
उदयपुर में रात अपेक्षाकृत राहत वाली
दक्षिण राजस्थान में तस्वीर कुछ अलग रही।
उदयपुर में अधिकतम तापमान 35.6°C दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 19.0°C रहा।
यह राज्य के गर्म पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों के मुकाबले रात के समय काफी राहत वाली स्थिति है।
जैसलमेर में रात और दिन के तापमान में बड़ा अंतर
जैसलमेर में अधिकतम तापमान 40.7°C दर्ज हुआ, जबकि न्यूनतम तापमान 24.2°C रहा।
रेगिस्तानी इलाकों में साफ आसमान और शुष्क परिस्थितियों के दौरान दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ सकता है।
आने वाले दिनों में इसी तरह का बदलाव सुबह और रात में धीरे-धीरे महसूस हो सकता है।
क्या राजस्थान में फिर बारिश होने वाली है?
4 अक्टूबर के latest IMD warning outlook में फिलहाल ऐसा कोई बड़ा संकेत नहीं है जिसके आधार पर राजस्थान में अगले सात दिनों के लिए rain alert जारी किया जाए।
पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान दोनों के लिए 10 अक्टूबर तक “No Warning” है।
इसलिए सोशल मीडिया या पुराने weather forecast में दिखाई देने वाले बारिश के दावों को latest IMD update से जरूर मिलाएं।
मौसम पूर्वानुमान बदल सकता है और किसी नई weather system के विकसित होने पर IMD अपने forecast तथा warnings को update कर सकता है।
किसानों के लिए मौसम क्यों महत्वपूर्ण?
अक्टूबर का समय राजस्थान के किसानों के लिए खरीफ फसलों की कटाई और रबी फसलों की तैयारी दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
मूंगफली, बाजरा और दूसरी खरीफ फसलों की कटाई कर रहे किसान स्थानीय मौसम पूर्वानुमान देखते रहें।
वहीं सरसों और दूसरी रबी फसलों की तैयारी करने वाले किसान केवल तारीख देखकर बुवाई न करें। मिट्टी में उपलब्ध नमी, सिंचाई की सुविधा, स्थानीय तापमान और संबंधित कृषि सलाह भी देखें।
अगले कुछ दिनों में किसानों को क्या करना चाहिए?
फिलहाल statewide warning नहीं होने के बावजूद किसान अपने जिले का forecast नियमित रूप से जांचते रहें।
खासकर:
- कटाई के दौरान district-level weather forecast देखें
- कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें
- रबी बुवाई से पहले मिट्टी की नमी जांचें
- अधिकतम तापमान को देखते हुए सिंचाई का फैसला खेत की वास्तविक स्थिति से करें
- पुराने WhatsApp weather alerts को latest forecast न मानें
स्थानीय मौसम में बदलाव होने पर जिला स्तर का forecast statewide outlook से ज्यादा उपयोगी हो सकता है।





