Rajasthan Weather Today, मौसम ब्रेकिंग (राजस्थान): राजस्थान में अक्टूबर के आखिरी दिन मौसम का मिजाज बदला हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बादलों की आवाजाही के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं।
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 31 अक्टूबर को कोटा और भरतपुर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। हालांकि, प्रदेश के किसी भी जिले के लिए बारिश, आंधी या मेघगर्जन का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
बारिश के कारण कई जिलों में अधिकतम तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना हुआ है।
यह भी पढ़ें: कौशांबी में अर्नब तूफान का असर जारी, लगातार बारिश से तापमान में आई भारी गिरावट
आइए जानते हैं राजस्थान में प्रदेश के प्रमुख जिलों का मौसम कैसा रहेगा और नवंबर की शुरुआत में मौसम में क्या बदलाव देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 31 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान के कोटा और भरतपुर संभाग में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों में बादल छाने के साथ कुछ स्थानों पर बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
वहीं, जयपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में भी मौसम साफ रह सकता है।
यह भी पढ़ें: कल का मौसम: बिहार में आंधी-तूफान और भारी बारिश का अलर्ट
प्रदेश में फिलहाल भारी बारिश या तेज आंधी को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
यह भी पढ़ें: सीतापुर के मछरेहटा में 13 घंटे से ज्यादा बारिश, तापमान 7 से 8 डिग्री तक गिरा
बीते 24 घंटों के दौरान पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान खैरथल और हरसोली में सर्वाधिक 43 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।
वहीं, जयपुर जिले के पावटा में 40 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश और बादलों के कारण प्रदेश के कई इलाकों में अधिकतम तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आई है।
इससे लोगों को दिन के समय भी हल्की ठंडक महसूस होने लगी है। हालांकि, पश्चिमी राजस्थान में तापमान अपेक्षाकृत अधिक बना हुआ है।
राजधानी जयपुर में 31 अक्टूबर को किसी तरह की मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। यहां मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है।
कोटा और भरतपुर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, उदयपुर और अजमेर संभाग में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है।
जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में आसमान साफ रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। इसके प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है।
इसके अलावा उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश से उत्तरी छत्तीसगढ़ और उससे सटे पूर्वी मध्य प्रदेश तक एक द्रोणिका बनी हुई है। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं।
हालांकि, आने वाले समय में इन मौसमी सिस्टम का प्रभाव धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है। इससे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कम हो जाएंगी।
पूर्वानुमान के अनुसार, 1 नवंबर से राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। आगामी एक सप्ताह तक प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कम रहने का अनुमान है।
मौसम साफ होने और धूप निकलने के साथ ही दिन के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, सुबह और रात के समय हल्की ठंड का असर बना रह सकता है।
ऐसे में नवंबर की शुरुआत में लोगों को दिन में हल्की गर्मी और सुबह-शाम ठंडक का अनुभव हो सकता है।
बारिश और बादलों की वजह से पूर्वी राजस्थान के कई इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का असर बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार, बाड़मेर में प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आने वाले दिनों में मौसम साफ होने से दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है।
हालांकि, रात के समय हल्की ठंड का असर जारी रहने की संभावना है।
पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। किसानों को खुले आसमान के नीचे रखी फसलों और कृषि उपज को बारिश से बचाने के लिए उचित इंतजाम करने चाहिए।
कृषि उपज मंडियों में रखे अनाज और अन्य जिंसों को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। खुले में रखे अनाज को तिरपाल या प्लास्टिक शीट से अच्छी तरह ढककर रखें, ताकि बारिश होने पर उपज को नुकसान न पहुंचे।
विशेष रूप से कटाई के बाद खुले में रखी कृषि उपज की सुरक्षा पर ध्यान देना जरूरी है।
कुल मिलाकर 31 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान के कोटा और भरतपुर संभाग में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा।
1 नवंबर से प्रदेश के ज्यादातर जिलों में मौसम साफ होने का अनुमान है। इसके साथ ही दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे खुले में रखी कृषि उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें और मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए जरूरी सावधानियां बरतें।









