रेवाड़ी शहर में बारिश के बाद हुआ जलभराव: सरसों की बिजाई पर संकट, 31 अक्टूबर तक बदलता रहेगा मौसम

रेवाड़ी बारिश: रेवाड़ी जिले में वीरवार हो रही बारिश के चलते शहर में जलभराव की स्थिति बन गई है। वहीं तापमान में भी गिरावट देखने को मिली है। इसके अलावा एक सप्ताह के दौरान की गई सरसों की बिजाई पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। रेवाड़ी के अलावा बावल, धारूहेड़ा, कोसली और कुंड क्षेत्र में भी रुक-रुककर.

प्रतीकात्मक तस्वीर: रेवाड़ी बारिश
प्रतीकात्मक तस्वीर. Photo: “Beyond India by Shubham Thakur” / Pexels

रेवाड़ी बारिश, मौसम ब्रेकिंग (रेवाड़ी): रेवाड़ी जिले में वीरवार हो रही बारिश के चलते शहर में जलभराव की स्थिति बन गई है। वहीं तापमान में भी गिरावट देखने को मिली है।

इसके अलावा एक सप्ताह के दौरान की गई सरसों की बिजाई पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। रेवाड़ी के अलावा बावल, धारूहेड़ा, कोसली और कुंड क्षेत्र में भी रुक-रुककर बारिश हुई।

वीरवार की सुबह हल्की बूंदाबांदी के साथ मौसम की शुरुआत हुई। दोपहर बाद गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हुई।

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शाम करीब चार बजे आसमान में अंधेरा छा गया और लगभग आधे घंटे तक तेज वर्षा हुई। इसके बाद रात को जिले में अच्छी बारिश हुई।

शुक्रवार को दिन में भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। बारिश के बाद शहर के मॉडल टाउन, बस अड्डा, कंपनी बाग, नाईवाली चौक, नगर परिषद के आसपास और भाड़ावास गेट सहित शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया।

सड़कों पर जलभराव के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी हुई।

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कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के खंड कृषि अधिकारी डॉ. अनिल यादव का कहना है कि जिले में सरसों की 90 प्रतिशत सरसों की बिजाई हो चुकी है।

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ऐसे में तेज बारिश होने से अंकुरित बीज और विकसित हो रहे पौधों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, हल्की बूंदाबांदी से फसल को नुकसान नहीं होता, लेकिन खेतों में अधिक पानी जमा होने से पौधों पर असर पड़ सकता है। इससे पहले 22 अक्टूबर को भी कुछ स्थानों पर बारिश और ओलावृष्टि हुई थी।

ओलावृष्टि से भी किसानों की सरसों की फसल खराब हुई थी। अब बारिश के बाद भी सरसों की बिजाई पर असर पड़ेगा।

डॉ. अनिल यादव ने किसानों को खेतों में अधिक समय तक पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी है।

अधिक बारिश होने पर गेहूं की बिजाई में भी देरी हो सकती है।

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 31 अक्टूबर तक प्रदेश में मौसम परिवर्तनशील रहने की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं हवा और गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी या बारिश हो सकती है।

कुछ स्थानों पर मध्यम से तेज वर्षा होने का भी अनुमान है। हवा चलने से वायु प्रदूषण में सुधार हो सकता है।

दिन के तापमान में हल्की गिरावट और सुबह-शाम हल्की ठंड रहने की संभावना है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम 16.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

बुधवार को अधिकतम तापमान 31.6 और न्यूनतम 12.5 डिग्री था। इस तरह 24 घंटे में अधिकतम तापमान 5.6 डिग्री गिरा, जबकि न्यूनतम तापमान में 4 डिग्री की बढ़ोतरी हुई।

बारिश का असर अनाज मंडी में बाजरा खरीद पर भी पड़ा। दिनभर रुक-रुककर बारिश होने से मंडी में कम किसान उपज लेकर पहुंचे।

खुले में रखी बाजरे की बोरियां और ढेरियां भीगती रहीं। आढ़ती और श्रमिक तिरपाल डालकर उपज को बचाने में जुटे रहे।

बारिश के बीच बाजरे का उठान कार्य भी जारी रहा।

Aditi Chauhan
लेखक परिचय

Aditi Chauhan

Climate & Weather Explainer Writer

Aditi Chauhan, Mausam Breaking के Explainers Desk से जुड़ी हैं। वे मानसून, चक्रवात, पश्चिमी विक्षोभ, El Niño, La Niña और अन्य मौसम प्रणालियों से जुड़े विषयों को सरल भाषा में समझाने वाले articles तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य जटिल मौसम विज्ञान संबंधी विषयों को आम पाठकों के लिए आसान और उपयोगी बनाना है।