IMD Alert: अगले 48 घंटे में इन राज्यों में भारी बारिश, मौसम विभाग ने अभी अभी जारी किया ताजा अपडेट

Weather Alert: 5 अक्टूबर को बिहार, झारखंड, ओडिशा, केरल समेत 8 राज्यों में भारी बारिश के आसार। दिल्ली-UP समेत देशभर का मौसम जानें।

Weather Alert: 8 राज्यों में भारी बारिश, अगले 48 घंटे अहम

नई दिल्ली। मानसून की विदाई के बीच देश के कई हिस्सों में एक बार फिर मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, 5 अक्टूबर 2026 को कई राज्यों में भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका है। पूर्वी, दक्षिणी और पूर्वोत्तर भारत में मौसमी गतिविधियां तेज बनी हुई हैं, जिससे अगले 48 घंटे कई राज्यों के लिए अहम माने जा रहे हैं।

उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मौसम का मिजाज इससे अलग रहने वाला है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि आगे कुछ इलाकों में हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।

इन राज्यों में भारी बारिश के आसार

IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 5 से 7 अक्टूबर के बीच बिहार, झारखंड, ओडिशा, केरल, छत्तीसगढ़, गोवा, महाराष्ट्र और अरुणाचल प्रदेश में झमाझम बारिश के साथ आंधी-तूफान की आशंका है।

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ओडिशा और अरुणाचल प्रदेश में 7 अक्टूबर तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है।

दक्षिण भारत में भी बारिश का दौर थमने वाला नहीं है। केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 4 से 8 अक्टूबर तक गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ मौसम खराब रहने की संभावना है।

दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 और 6 अक्टूबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं तटीय कर्नाटक और लक्षद्वीप में 4 से 6 अक्टूबर के दौरान बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

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तेलंगाना में भी 4 से 6 अक्टूबर के बीच बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अगले दो दिनों तक बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

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केरल में Yellow Alert, इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

केरल में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने वाला है। IMD ने कई जिलों के लिए Yellow Alert जारी किया है।

5 अक्टूबर को पथनमथिट्टा, इडुक्की और मलप्पुरम जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है।

इसके बाद 6 अक्टूबर को इडुक्की, पालक्काड और वायनाड में अलर्ट जारी किया गया है।

IMD के मुताबिक इन जिलों में 24 घंटे के दौरान 64.5 मिमी से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।

पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जलभराव और अचानक पानी का बहाव बढ़ने जैसी स्थितियों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

पूर्वोत्तर भारत में अगले 7 दिन बारिश

पूर्वोत्तर भारत में बारिश का दौर लंबा चल सकता है।

मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले सात दिनों तक बारिश की संभावना जताई है।

अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में बिजली कड़कने के साथ भारी बारिश भी हो सकती है।

असम, मेघालय, मणिपुर, नागालैंड, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है।

इस दौरान मौसम में अचानक बदलाव और गरज-चमक की स्थिति को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

दिल्ली-NCR और उत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम?

दक्षिण और पूर्वी भारत में जहां बारिश का दौर जारी रहेगा, वहीं उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है।

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में फिलहाल बारिश की गतिविधियां कम रहेंगी।

दिल्ली में 5 अक्टूबर को हवा की गति करीब 20 से 22 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज लगभग इसी तरह बने रहने की उम्मीद है।

हालांकि 6 से 7 अक्टूबर के बीच हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है।

उत्तर प्रदेश में 9 अक्टूबर तक कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है।

यह स्थिति 9 अक्टूबर तक बनी रह सकती है।

प्रदेश में कहीं-कहीं स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव हो सकता है, लेकिन व्यापक स्तर पर बारिश का दौर सक्रिय रहने की संभावना नहीं है।

इसी तरह राजस्थान में भी मौसम मुख्य रूप से साफ और शुष्क रहने का अनुमान है।

हिमाचल-उत्तराखंड में बारिश, भूस्खलन का भी खतरा

पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 5 से 9 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।

इसके साथ ही मौसम विभाग ने बारिश के दौरान बिजली गिरने की आशंका भी जताई है।

पहाड़ी इलाकों की यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की स्थिति देखकर ही आगे बढ़ने और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।

65 से 70 किमी की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

बारिश के साथ कई क्षेत्रों में तेज हवाएं भी परेशानी बढ़ा सकती हैं।

मौसम विभाग के मुताबिक कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

इसके अलावा दो से अधिक राज्यों में तूफानी हवाओं के साथ ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है।

ऐसे मौसम में पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं के आसपास रहने से बचने की सलाह दी जाती है।

आखिर क्यों बिगड़ रहा है मौसम?

देश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं।

केरल तट के पास दक्षिण-पूर्वी अरब सागर में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

इसके अलावा दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और सिक्किम तथा आसपास के क्षेत्रों में भी चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

उत्तर-पूर्वी बिहार से उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है।

वहीं मन्नार की खाड़ी और उससे सटे दक्षिणी तटीय तमिलनाडु के ऊपर भी ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से अगले 48 घंटों के दौरान देश के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

मानसून की वापसी का दौर जारी

दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी लगातार आगे बढ़ रही है।

मानसून उत्तर भारत के बचे हुए हिस्सों के साथ पूरे गुजरात और मध्य प्रदेश से वापस जा चुका है।

इसके अलावा बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से भी मानसून की वापसी हो चुकी है।

IMD के मुताबिक अगले दो दिनों के दौरान मराठवाड़ा और विदर्भ, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और उत्तर आंतरिक कर्नाटक के शेष हिस्सों से भी मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं।

एक तरफ मानसून की विदाई आगे बढ़ रही है, वहीं सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण देश के कई दूसरे हिस्सों में बारिश जारी है।

किसानों को बरतनी होगी सावधानी

बारिश वाले राज्यों में किसानों के लिए अगले कुछ दिन महत्वपूर्ण रह सकते हैं।

जिन इलाकों में फसलों की कटाई चल रही है, वहां बारिश को देखते हुए कटाई और उपज को मंडियों तक पहुंचाने की योजना मौसम के हिसाब से बनानी चाहिए।

खेतों में पानी जमा होने की आशंका वाले क्षेत्रों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करना भी जरूरी है।

कटाई के बाद खुले में रखी उपज को बारिश से बचाने के इंतजाम पहले ही कर लेना बेहतर होगा।

यात्रियों के लिए भी जरूरी सलाह

बारिश वाले क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को निकलने से पहले मौसम का ताजा अपडेट जरूर देखना चाहिए।

खासकर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।

शहरी क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण जलभराव और यातायात बाधित होने की स्थिति बन सकती है।

तेज हवा वाले क्षेत्रों में पेड़ गिरने और बिजली संबंधी नुकसान का भी खतरा रह सकता है।

गरज-चमक के दौरान खुले मैदान या पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।

अगले 48 घंटे इन राज्यों के लिए अहम

देश में मौसम की तस्वीर इस समय दो हिस्सों में बंटी नजर आ रही है।

उत्तर भारत के अधिकांश मैदानी इलाकों में मानसून की विदाई के बाद मौसम शुष्क हो रहा है, जबकि पूर्वी, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश अभी जारी है।

5 से 7 अक्टूबर के बीच बिहार, झारखंड, ओडिशा, केरल, छत्तीसगढ़, गोवा, महाराष्ट्र और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश और आंधी-तूफान की आशंका बनी हुई है।

केरल के कुछ जिलों में Yellow Alert जारी किया गया है, जबकि पूर्वोत्तर भारत में अगले सात दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है।

ऐसे में बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान और प्रशासन की चेतावनियों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

Ankit Sharma
लेखक परिचय

Ankit Sharma

Senior Weather Editor

Ankit Sharma, Mausam Breaking में Senior Weather Editor के रूप में मौसम से संबंधित forecasts, alerts और official bulletins पर काम करते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों और जिलों से संबंधित मौसम अपडेट को समझना, उपलब्ध आधिकारिक जानकारी को verify करना और उसे आसान भाषा में पाठकों तक पहुँचाना है। वे विशेष रूप से बारिश, आंधी-तूफान, लू, शीतलहर और गंभीर मौसम चेतावनियों से संबंधित समाचारों पर कार्य करते हैं।