बदलते मौसम और प्रदूषण से गुरुग्राम में बच्चों की बढ़ी मुश्किलें

बदलते मौसम और प्रदूषण: बदलते मौसम और प्रदूषण, मौसम ब्रेकिंग (गुरुग्राम): सुबह-शाम के तापमान में गिरावट और खराब हवा के बीच बच्चों में खांसी जुकाम व सांस संबंधी दिक्कतों को लेकर चिंता बढ़ गई है, जिससे अस्पतालों के ओपीडी में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

प्रतीकात्मक तस्वीर: बदलते मौसम और प्रदूषण
प्रतीकात्मक तस्वीर. Photo: Saakshi Yadav / Pexels

बदलते मौसम और प्रदूषण, मौसम ब्रेकिंग (गुरुग्राम): सुबह की ठंडी हवा, दिन में तापमान में उतार-चढ़ाव और वातावरण में घुलता प्रदूषण बच्चों की सेहत के लिए चुनौती बनने लगा है। मौसम में बदलाव के साथ हवा में मौजूद बारीक धूल और जहरीले कण बच्चों के श्वसन तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं।

शहर में दीवाली नजदीक आने के साथ चिंता और बढ़ गई है जहां पटाखों और वाहनों के धुएं के कारण प्रदूषक वातावरण में बने हुए हैं। सेक्टर-10 स्थित जिला नागरिक अस्पताल की बाल रोग ओपीडी में आने वाले बच्चों की संख्या 250 से 270 तक पहुंच गई है।

बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुनील ने बताया कि प्रदूषण के सूक्ष्म कण फेफड़ों तक पहुंचकर बच्चों में खांसी, गले में खराश और सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज की समस्या पैदा कर रहे हैं। दमा से पीड़ित बच्चों की परेशानी और अधिक बढ़ गई है।

यह भी पढ़ें: हो ची मिन्ह सिटी 2027 के शुष्क मौसम के लिए 2026 से जल भंडारण की योजना बना रहा है।

डॉक्टरों की सलाह है कि अभिभावकों को बच्चों की बाहरी गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए और हवा खराब होने पर खुले में खेलने से बचना चाहिए। किसी भी गंभीर लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए और बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न दें।

यह भी पढ़ें: पीलीभीत में 29 से 31 दिसंबर के बीच बदल सकता है मौसम, बूंदाबांदी के आसार

यह भी पढ़ें: गुरुग्राम में बदलते मौसम और प्रदूषण से बच्चों की बढ़ रही परेशानी

Aditi Chauhan
लेखक परिचय

Aditi Chauhan

Climate & Weather Explainer Writer

Aditi Chauhan, Mausam Breaking के Explainers Desk से जुड़ी हैं। वे मानसून, चक्रवात, पश्चिमी विक्षोभ, El Niño, La Niña और अन्य मौसम प्रणालियों से जुड़े विषयों को सरल भाषा में समझाने वाले articles तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य जटिल मौसम विज्ञान संबंधी विषयों को आम पाठकों के लिए आसान और उपयोगी बनाना है।