इंदौर नगर निगम पानी बर्बादी जुर्माना, मौसम ब्रेकिंग (इंदौर): अलनीनो के असर के इस बार देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश नहीं हुई है। जिसके चलते अभी से सूखे जैसे संकट बन रहे हैं।
लिहाजा हालातों को देखते हुए क्लीन सिटी इंदौर में नगर निगम पानी के बचाव को लेकर नया नियम लेकर आया है। पानी की बर्बादी करने वालों को अब भारी जुर्माने का सामना करना पड़ेगा।
जन सहयोग की अपील करते हुए चालानी कार्रवाई को शुरू कर दिया गया है।
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बोरिंग या नर्मदा पानी से फर्श धोने पर जुर्माना: दरअसल, इंदौर में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण गहराते जल संकट की आशंका को देखते हुए नगर निगम ने यह कदम उठाया है। नगर निगम सीमा में बोरिंग या नर्मदा के पानी से घर का फर्श धोने अथवा पाइप लगाकर कर धोने पर भारी जुर्माना लगेगा।
इंदौर में कचरा फैलाने की तरह ही पानी की बर्बादी पर भी चालानी कार्रवाई शुरू हो गई है। जिसके चलते मंगलवार को जोन क्रमांक 21 के वार्ड 79 में आरआर कैट रोड स्थित 7 स्टेप गार्डन के सामने बोरिंग के पानी से फर्श धोने के कारण पानी की बर्बादी करने पर ₹2,000 का स्पॉट फाइन किया गया है।
महापौर ने दौरा कर रहवासियों को दी समझाइश: महापौर पुष्यमित्र भार्गव के निर्देश पर सीएसआई मनीष सिंह और सहायक सीएसआई रवि सिंह ने टीम की उपस्थिति में यह कार्रवाई की। बारिश के बाद ही शहर के कई इलाकों में पानी की कमी होने के कारण नगर निगम द्वारा अब लोगों से पानी बचाने में सहयोग करने की लगातार अपील की जा रही है।
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इस बीच महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सोमवार को सुबह पार्श्वनाथ नगर और विनायक नगर का दौरा कर रहवासियों को पानी बचाने की समझाइश दी थी।
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पानी की बर्बादी पर रोक: इस दौरान पाइप से गाड़ियां धोने वालों को अंतिम चेतावनी भी दी गई। नगर निगम और एनजीओ की टीमें लगातार लोगों को जागरूक कर रही हैं।
महापौर ने साफ किया है कि घर के बाहर बाल्टी, मग या पोछे से सफाई करने पर कोई रोक नहीं है, लेकिन पाइप से गाड़ियां या फर्श धोकर पानी बर्बाद करने वालों के खिलाफ शिकायत मिलने पर चालानी कार्रवाई की जाएगी।
कम बारिश और जलसंकट: इधर माना जा रहा है कि इंदौर अंचल में मानसून सीजन में मात्र 23 इंच बारिश हुई है। जो औसत से 14 इंच काम है।
ऐसा बीते 26 सालों में दूसरी बार हुआ है। यही वजह है कि बारिश बीतते ही नगर निगम को टैंकर से कई इलाकों में पानी सप्लाई करना पड़ रहा है।
लोगों के निजी बोरिंग भी अभी से जवाब देने लगे हैं। जनवरी तक हजारों की सख्या में बोरिंग सूखने की आशंका है, लिहाजा अभी से लोगों को पानी बचाना होगा।









