Haryana Weather Update 6 October 2026: हरियाणा में उमस और गर्मी से परेशान लोगों को जल्द राहत मिल सकती है। 6 अक्टूबर से प्रदेश के मौसम में बदलाव शुरू होने की संभावना है। दो पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से आने वाले दिनों में बादलों की आवाजाही, तेज हवाएं, गरज-चमक और बारिश देखने को मिल सकती है।
मौसम में पहला बदलाव 6 अक्टूबर से दिखाई देना शुरू हो सकता है। इसके बाद 7 से 9 अक्टूबर के दौरान उत्तरी हरियाणा में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
वहीं 10 से 12 अक्टूबर के दौरान दूसरे और अपेक्षाकृत मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के अधिक हिस्सों में मौसम बदलने और बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना बताई गई है।
आज 6 अक्टूबर से बदलेगा हरियाणा का मौसम
6 अक्टूबर को हरियाणा में मौसम परिवर्तन की शुरुआत हो सकती है।
प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है, लेकिन उत्तरी जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ कहीं-कहीं गरज-चमक और हल्की बारिश की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं।
इस दौरान तेज हवाएं भी परेशानी बढ़ा सकती हैं।
हरियाणा के साथ पंजाब, चंडीगढ़ और दिल्ली क्षेत्र में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना बताई गई है।
7 से 9 अक्टूबर तक पहला पश्चिमी विक्षोभ
7 से 9 अक्टूबर के बीच पहले पश्चिमी विक्षोभ का असर मुख्य रूप से उत्तरी हरियाणा में दिखाई दे सकता है।
इस दौरान:
अंबाला
पंचकूला
यमुनानगर
कुरुक्षेत्र
में बादल छाने के साथ गरज-चमक और हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है।
तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिनकी गति कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है।
राज्य के बाकी हिस्सों में आंशिक बादल दिखाई दे सकते हैं, लेकिन हर जगह बारिश होना जरूरी नहीं है।
10 से 12 अक्टूबर को ज्यादा बदलेगा मौसम
हरियाणा के मौसम में दूसरा महत्वपूर्ण बदलाव 10 अक्टूबर के आसपास शुरू हो सकता है।
10 से 12 अक्टूबर के दौरान दूसरे पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव ज्यादा मजबूत रहने का अनुमान दिया गया है।
इसके प्रभाव से प्रदेश के अधिक क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है।
कई हिस्सों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।
अगर सिस्टम पूर्वानुमान के अनुसार सक्रिय रहता है तो उत्तरी जिलों से शुरू हुआ मौसम परिवर्तन राज्य के दूसरे हिस्सों तक फैल सकता है।
इन जिलों पर ज्यादा रहेगा असर
शुरुआती दौर में उत्तरी हरियाणा पर मौसम का प्रभाव ज्यादा रहने की संभावना है।
प्रमुख प्रभावित जिलों में:
पंचकूला
अंबाला
यमुनानगर
कुरुक्षेत्र
करनाल
पानीपत
सोनीपत
शामिल हैं।
इसके बाद मौसम प्रणाली का प्रभाव प्रदेश के दूसरे हिस्सों और गुरुग्राम क्षेत्र तक भी पहुंच सकता है।
हालांकि जिलेवार बारिश की मात्रा और समय में बदलाव संभव है।
Haryana Weather 6-12 October
| तारीख | हरियाणा में संभावित मौसम |
|---|---|
| 6 अक्टूबर | मौसम बदलने की शुरुआत, कहीं-कहीं हल्की बारिश/गरज-चमक |
| 7 अक्टूबर | उत्तरी जिलों में बारिश की संभावना |
| 8 अक्टूबर | बादल, हल्की बारिश और तेज हवा की संभावना |
| 9 अक्टूबर | उत्तरी हरियाणा में मौसम गतिविधियां जारी रह सकती हैं |
| 10 अक्टूबर | दूसरे पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव बढ़ने की संभावना |
| 11 अक्टूबर | प्रदेश के अधिक हिस्सों में बारिश की संभावना |
| 12 अक्टूबर | बादल, हवा और बारिश की गतिविधियां संभव |
40 से 50 किमी प्रति घंटे तक चल सकती हैं हवाएं
मौसम परिवर्तन के साथ हवा की रफ्तार भी बढ़ सकती है।
6 अक्टूबर को हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने की संभावना बताई गई है।
इसके बाद 7 से 9 अक्टूबर के बीच कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है।
तेज हवा और गरज-चमक की स्थिति में खुले स्थानों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
हिसार में 38.8 डिग्री पहुंच चुका तापमान
मौसम में बदलाव से पहले हरियाणा में गर्मी का असर बना हुआ है।
पश्चिमी शुष्क हवाओं के कारण दिन और रात का तापमान सामान्य से करीब 2 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है।
4 अक्टूबर को हिसार में अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और यह राज्य के सबसे गर्म स्थानों में रहा।
अक्टूबर शुरू होने के बावजूद अधिक तापमान के कारण दिन के समय गर्मी महसूस की जा रही है।
बारिश के बाद गिरेगा तापमान
पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने और बारिश की गतिविधियां बढ़ने के बाद तापमान में गिरावट आने की संभावना है।
बादल, बारिश और तेज हवाओं के कारण दिन की गर्मी कम हो सकती है।
खासकर 10 से 12 अक्टूबर के दौरान यदि बारिश का दौर पूर्वानुमान के अनुसार सक्रिय रहता है तो मौसम में ठंडक महसूस होने लगेगी।
रात के तापमान पर भी इसका असर पड़ सकता है।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण मौसम
हरियाणा में इस समय खरीफ फसलों की कटाई और मंडियों में नई फसल की आवक का दौर चल रहा है। ऐसे में बारिश और तेज हवा किसानों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
किसानों को खुले में रखी उपज को बारिश से बचाने की व्यवस्था करनी चाहिए।
मंडी में धान, बाजरा या दूसरी उपज लेकर जाने से पहले स्थानीय मौसम पूर्वानुमान देखना बेहतर रहेगा।
खेतों में कटाई या दूसरी गतिविधियों की योजना भी जिले के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार बनानी चाहिए।
गरज-चमक के समय बरतें सावधानी
बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवा की स्थिति में खुले मैदान में खड़े होने से बचें।
पेड़ों, बिजली के खंभों और तारों से दूरी बनाए रखें।
तेज हवा और बारिश के दौरान वाहन चलाते समय गति कम रखें, क्योंकि सड़क पर दृश्यता कम होने और फिसलन बढ़ने की आशंका रहती है।
मौसम खराब होने पर सुरक्षित पक्के स्थान पर रहना बेहतर है।
हरियाणा में कब होगी बारिश?
उपलब्ध पूर्वानुमान के मुताबिक 6 अक्टूबर से मौसम में बदलाव शुरू हो सकता है।
7 से 9 अक्टूबर के दौरान मुख्य प्रभाव उत्तरी हरियाणा में रहने की संभावना है।
इसके बाद 10 से 12 अक्टूबर वाला दौर ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है, जब दूसरे पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश के अधिक हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है।
हालांकि पश्चिमी विक्षोभ की स्थिति और दिशा में बदलाव के साथ जिलेवार पूर्वानुमान भी बदल सकता है।








