चंदौली चक्रवाती तूफान से धान फसल नुकसान किसान मुआवजा, Mausam Breaking (चंदौली, उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में चक्रवाती तूफान और बारिश ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। तेज हवाओं और बारिश के कारण खेतों में खड़ी धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।
कई किसानों की फसल खेतों में गिरकर बर्बाद हो गई है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। खेती में लगाई गई जमा पूंजी डूबने के साथ ही अब किसानों को कर्ज चुकाने की चिंता भी सताने लगी है।
किसी की 70 हजार तो किसी की लाखों रुपये की फसल बर्बाद
प्रभावित किसान गुलाब यादव ने बताया कि चक्रवाती तूफान के कारण उनकी धान की फसल को करीब 60 से 70 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने जिलाधिकारी से अपील की है कि किसानों की परेशानी को देखते हुए उचित मुआवजा दिलाया जाए।
वहीं, किसान अर्जुन यादव के मुताबिक उनकी करीब 15 से 20 बिस्वा धान की फसल प्रभावित हुई है। इससे उन्हें लगभग 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ है।
उन्होंने भी सरकार से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
ढाई बीघा फसल बर्बाद, कर्ज लेकर की थी खेती
कुंडाखुर्द निवासी सत्यजीत सिंह की स्थिति और भी चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि उनकी करीब ढाई बीघा धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है।
खेती के लिए उन्होंने कर्ज लिया था और खेत किराये पर लेकर फसल तैयार की थी। खाद, मजदूरी और अन्य खर्चों को मिलाकर उन्हें करीब डेढ़ से पौने दो लाख रुपये की आर्थिक क्षति हुई है।
इसी गांव के दिनेश यादव की करीब एक बीघा धान की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। इससे उन्हें लगभग 70 हजार रुपये का नुकसान हुआ है।
किसान बसंत लाल यादव को भी तूफान के कारण फसल की क्षति उठानी पड़ी है।
किसानों ने जिलाधिकारी से की मुआवजे की मांग
फसल बर्बाद होने से परेशान सभी प्रभावित किसानों ने जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग से विशेष अपील की है। किसानों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द प्रभावित खेतों का सर्वे कराए और वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाए।
किसानों का कहना है कि नुकसान का सही आकलन होने के बाद मुआवजे की प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जानी चाहिए। समय पर आर्थिक सहायता मिलने से उन्हें दोबारा खेती शुरू करने और परिवार की जरूरतें पूरी करने में मदद मिल सकेगी।
तूफान से हुई फसल क्षति ने किसानों के सामने रोजी-रोटी और अगली फसल की तैयारी का संकट खड़ा कर दिया है। अब प्रभावित किसानों को प्रशासन की ओर से राहत मिलने का इंतजार है।











