चक्रवात मुरासु राजनांदगांव बारिश, Mausam Breaking (राजनांदगांव, छत्तीसगढ़): बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान मुरासु का असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर दिखने लगा है। मौसम विभाग ने 3 और 4 नवंबर को प्रदेश में बारिश की संभावना जताई है।
राजनांदगांव जिले में सोमवार को बादल छाए रहे। आज और कल गरज-चमक के साथ बारिश होने और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।
इससे खेतों में पककर तैयार धान की फसल को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इन दिनों जिले में धान की कटाई और फसल को सुरक्षित रखने की तैयारी चल रही है।
बेमौसम बारिश से खेतों में खड़ी फसल के साथ कटाई के बाद खुले में रखे धान के भीगने का खतरा है। नमी बढ़ने से धान की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
मौसम को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को सावधान रहने को कहा है।
कृषि विभाग के अनुसार, खड़ी फसल को बचाने के लिए पानी की निकासी का इंतजाम करें। कटी हुई फसल को खुले में छोड़ने के बजाय सुरक्षित और ढके हुए स्थान पर रखें।
धान को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल या अन्य सुरक्षित ढंकने की व्यवस्था भी जरूरी बताई गई है।
गरज-चमक और आकाशीय बिजली की आशंका को देखते हुए किसानों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बिजली चमकने और गरजने के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचें और पेड़ों के नीचे खड़े होने के बजाय किसी सुरक्षित स्थान पर शरण लें।
अगले दो दिन किसानों के लिए काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं, इसलिए मौसम पर नजर रखते हुए फसल सुरक्षित रखने के जरूरी इंतजाम करें।











