दिल्ली-एनसीआर में रातें ठंडी होने लगीं, पर जहरीली हवा से राहत नहीं

दिल्ली-एनसीआर मौसम अपडेट IMD पूर्वानुमान ठंड और AQI: 4 से 9 नवंबर तक आसमान मुख्य रूप से साफ रहने और न्यूनतम तापमान 15 से घटकर 14 डिग्री सेल्सियस तक आने की संभावना है, जबकि दिल्ली और नोएडा-गाजियाबाद के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता गंभीर से खराब श्रेणी में दर्ज की गई है।

दिल्ली-एनसीआर मौसम अपडेट IMD पूर्वानुमान ठंड और AQI, Mausam Breaking (दिल्ली-एनसीआर): दिल्ली समेत पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में मौसम ने करवट लेना शुरू कर दिया है। दिन के समय धूप रहने के बावजूद अब रातें धीरे-धीरे ठंडी होने लगी हैं।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले कुछ ही दिनों में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से लुढ़ककर 14 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की पूरी संभावना है।

मौसम विभाग की मानें तो 4 नवंबर से 9 नवंबर तक आसमान तो मुख्य रूप से साफ बना रहेगा, लेकिन हवा की भयंकर खराबी ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राजधानी दिल्ली की हवा पूरी तरह से जहरीली हो चुकी है।

वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) दिल्ली के कई इलाकों में 400 से लेकर 450 के आंकड़े को पार कर गया है, जिसे बेहद ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के जहांगीरपुरी में AQI सीधे 450 दर्ज किया गया है।

इसके अलावा आईआईटी दिल्ली में 453, अलीपुर में 422, आईटीओ में 421 और बवाना में 411 AQI रिकॉर्ड किया गया है।

राजधानी के अन्य हिस्सों जैसे आनंद विहार (302), अशोक विहार (348), आया नगर (382), बुराड़ी क्रॉसिंग (393) और जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम (411) जैसे प्रमुख इलाकों में भी हवा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

दिल्ली से सटे नोएडा और गाजियाबाद में भी प्रदूषण का स्तर डराने वाला है। नोएडा के सेक्टर-62 में AQI खतरनाक रूप से 426 तक पहुंच चुका है, जबकि सेक्टर-150 में 351, सेक्टर-110 में 349 और सेक्टर-39 में 321 AQI दर्ज किया गया है।

हालांकि, सेक्टर-125 (243) और सेक्टर-116 (261) में हवा से थोड़ी बहुत राहत जरूर मिली है, लेकिन यह अभी भी ‘खराब’ श्रेणी में ही बनी हुई है।

गाजियाबाद की बात करें तो यहाँ के लोनी में AQI 304, संजय नगर में 308 और वेव सिटी में 312 दर्ज किया गया है। नोएडा में प्रदूषण के बेकाबू होने के पीछे एक मुख्य वजह सड़क निर्माण का काम भी है।

शहर के कई इलाकों में इन दिनों सड़कों का निर्माण कार्य जारी है, जिसके कारण चारों तरफ धूल उड़ रही है। हवा में उड़ती हुई यह धूल प्रदूषण को और ज्यादा गंभीर बना रही है।

सबसे बड़ी और हैरान करने वाली बात यह है कि इस गंभीर स्थिति पर काबू पाने के लिए न तो नोएडा प्राधिकरण और न ही नोएडा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) की तरफ से कोई ठोस कदम उठाए जाते नजर आ रहे हैं।

IMD के आंकड़ों के मुताबिक, 4 नवंबर को अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इसके बाद 5 और 6 नवंबर को तापमान हल्का बढ़कर 29 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है।

हालांकि, 7 नवंबर से तापमान में फिर से गिरावट का दौर शुरू होगा, जिससे न्यूनतम तापमान दोबारा 15 डिग्री पर आ जाएगा और 9 नवंबर तक इसके गिरकर 14 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की पूरी संभावना जताई गई है।

Neha Singh

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