चक्रवात अर्नब, मौसम ब्रेकिंग (रायपुर): छत्तीसगढ़ में चक्रवात अर्नब के प्रभाव से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में अगले दो दिनों तक भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
इसके साथ ही तेज हवाएं चलने, आंधी-तूफान आने और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 50 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
मौसम की इस स्थिति को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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राज्य के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में अंतर देखने को मिल रहा है। सोमवार को राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
वहीं, अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान गिरकर 12.9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जिससे सुबह और रात के समय ठंड का असर बढ़ गया है।
मौसम विभाग ने 27 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के 21 जिलों में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, कोंडागांव, कांकेर, नारायणपुर, रायपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, जांजगीर-चांपा, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर और सरगुजा शामिल हैं।
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28 अक्टूबर को दक्षिण बस्तर के दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में भारी से अति भारी बारिश और खराब मौसम का खतरा बना रह सकता है।
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इसके अलावा कई अन्य जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है।
29 अक्टूबर को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, मुंगेली और कबीरधाम जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
मौसम विभाग ने बारिश के दौरान निचले इलाकों में पानी भरने की संभावना जताई है।
खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। तेज हवा चलने पर पेड़ों, होर्डिंग और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें।
आकाशीय बिजली चमकने के समय खुले मैदान, खेत और पानी वाली जगहों से दूर रहें।
चक्रवात अर्नब का नाम बांग्लादेश ने सुझाया है। यह उत्तर हिंद महासागर में उठने वाले चक्रवातों के लिए तैयार आधिकारिक नामों की सूची में शामिल है।
इस क्षेत्र में बंगाल की खाड़ी और अरब सागर आते हैं, जिनके लिए 13 देशों ने मिलकर सूची तैयार की है।
अर्नब शब्द का संबंध आम तौर पर बंगाली भाषा में समुद्र या महासागर के अर्थ से जोड़ा जाता है। हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग की आधिकारिक सूची में इस नाम का उच्चारण ओरनब दिया गया है, लेकिन इसका औपचारिक अर्थ नहीं बताया गया है।









