चक्रवाती तूफान अर्नब का कहर आंध्रप्रदेश ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट

चक्रवाती तूफान अर्नब: चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के चलते 27-28 अक्टूबर को आंध्रप्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भी बहुत भारी बारिश की आशंका है। किसानों को कटी फसल सुरक्षित रखने, खेतों में जल निकासी करने और खराब मौसम में कृषि कार्य रोकने की सलाह दी गई है। बंगाल की खाड़ी में.

प्रतीकात्मक तस्वीर: चक्रवाती तूफान अर्नब
प्रतीकात्मक तस्वीर. Photo: Atlantic Ambience / Pexels

चक्रवाती तूफान अर्नब, मौसम ब्रेकिंग (आंध्रप्रदेश और ओडिशा): चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के चलते 27-28 अक्टूबर को आंध्रप्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भी बहुत भारी बारिश की आशंका है। किसानों को कटी फसल सुरक्षित रखने, खेतों में जल निकासी करने और खराब मौसम में कृषि कार्य रोकने की सलाह दी गई है।

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर पूर्वी भारत के कई राज्यों में दिखाई देने की आशंका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, तूफान 27 अक्टूबर 2026 को बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले चुका है।

इसके चलते तटीय आंध्रप्रदेश और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है। छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भी 28 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है।

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तूफान को देखते हुए मौसम विभाग ने तटीय इलाकों में सतर्कता बरतने की चेतावनी दी है। वहीं, कृषि मौसम सलाह के तहत किसानों को कटी हुई फसल सुरक्षित रखने, खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करने और खराब मौसम के दौरान कृषि कार्य रोकने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से 27 और 28 अक्टूबर को तटीय आंध्रप्रदेश में तेज बारिश होने की आशंका है। ओडिशा के कई हिस्सों में भी भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

28 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भी बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। तूफान के तट के करीब पहुंचने के दौरान तेज हवाएं, समुद्र में ऊंची लहरें और निचले इलाकों में जलभराव जैसी स्थिति बन सकती है।

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तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, चक्रवात के प्रभाव से समुद्र में हवा की रफ्तार काफी तेज बनी हुई है।

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तूफान के अधिक शक्तिशाली होने के दौरान हवा की गति 150 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने और झोंकों की रफ्तार 180 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की आशंका जताई गई थी। इसके बाद तट से टकराने के दौरान तूफान की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आने का अनुमान है।

चक्रवात और बारिश की आशंका को देखते हुए किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं और जलभराव से खेतों में खड़ी फसलों, कटी हुई उपज और बागवानी फसलों को नुकसान हो सकता है।

खेतों में कटाई के बाद पड़ी धान की फसल को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं। खुले में रखे धान, मक्का और अन्य अनाज को तिरपाल से ढककर मजबूती से बांधें, ताकि तेज हवा और बारिश से उपज को नुकसान न हो।

निचले खेतों में पानी जमा होने से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। किसान खेतों में पानी की निकासी के लिए नालियां बनाएं और जलभराव रोकने के लिए पहले से तैयारी करें।

खराब मौसम के दौरान फसलों की कटाई, कीटनाशकों के छिड़काव और खाद या उर्वरक डालने का काम स्थगित रखें। मौसम सामान्य होने और खेतों की स्थिति का आकलन करने के बाद ही कृषि कार्य दोबारा शुरू करें।

तेज हवाओं से सब्जियों, नर्सरी और केले जैसे कमजोर पौधों के गिरने या टूटने का खतरा रहता है। किसानों को पौधों को उचित सहारा देने और नर्सरी को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।

मवेशियों को सुरक्षित, पक्के और सूखे शेड में रखें। उनके लिए पर्याप्त चारे और साफ पीने के पानी की व्यवस्था पहले से कर लें।

खराब मौसम के दौरान पशुओं को खुले मैदान या जलभराव वाले क्षेत्रों में न छोड़ें।

तूफान और बारिश के दौरान खेतों में लगे बिजली के खंभों, टूटे तारों और लोहे की कृषि मशीनों के पास जाने से बचें। बिजली के तार टूटकर गिरने की स्थिति में उन्हें न छुएं और संबंधित विभाग को सूचना दें।

चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण पूर्वी तटीय क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है। किसानों को अपनी फसल और उपज की सुरक्षा के लिए स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए।

Aditi Chauhan
लेखक परिचय

Aditi Chauhan

Climate & Weather Explainer Writer

Aditi Chauhan, Mausam Breaking के Explainers Desk से जुड़ी हैं। वे मानसून, चक्रवात, पश्चिमी विक्षोभ, El Niño, La Niña और अन्य मौसम प्रणालियों से जुड़े विषयों को सरल भाषा में समझाने वाले articles तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य जटिल मौसम विज्ञान संबंधी विषयों को आम पाठकों के लिए आसान और उपयोगी बनाना है।