साइक्लोन अर्नब, मौसम ब्रेकिंग (उत्तर बिहार): बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए चक्रवाती तूफान साइक्लोन अर्नब के प्रभाव से उत्तर बिहार के मौसम में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिलने वाला है। डॉ.
राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा और भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी संयुक्त पूर्वानुमान के अनुसार, 28 अक्टूबर से 01 नवंबर 2026 के बीच क्षेत्र में मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ सकता है।
भारी बारिश की चेतावनी: इस दौरान उत्तर बिहार के जिलों में तेज हवाओं, मेघगर्जन और वज्रपात के साथ भारी बारिश की प्रबल आशंका जताई गई है। मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक, 29 से 31 अक्टूबर के दौरान उत्तर बिहार के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा होगी।
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जिलावार अलर्ट: वहीं, 30 और 31 अक्टूबर को समस्तीपुर, सिवान, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, सीतामढ़ी, वैशाली, गोपालगंज, तथा पूर्वी एवं पश्चिमी चंपारण जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वानुमान अवधि के दौरान अधिकतम तापमान 29 से 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा।
हवा की रफ्तार: इसके साथ ही दक्षिण-पूर्वी और दक्षिण-पश्चिमी दिशा से 15 से 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस चक्रवाती तूफान की चेतावनी ने किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं, क्योंकि वर्तमान में धान और मक्का की फसलों की कटाई का दौर जोरों पर है।
फसल सुरक्षा सलाह: मौसम की इस मार से फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि जो किसान धान या खरीफ मक्का की कटाई कर चुके हैं, वे फसल को तुरंत खेत से हटाकर सुरक्षित और सूखे स्थानों पर ले जाएं।
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वैज्ञानिकों के निर्देश: खुले में रखी उपज को तिरपाल से अच्छी तरह ढंक दें और भंडारण से पहले नमी से बचाने के लिए अनाज को धूप में अच्छी तरह सुखा लें। मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए वैज्ञानिकों ने पकी हुई फसलों की कटाई और रबी फसलों की बोआई को फिलहाल टालने का निर्देश दिया है।
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कृषि कार्य स्थगित: साथ ही, खेतों में कीटनाशक, उर्वरक छिड़काव और सिंचाई संबंधी सभी कृषि कार्यों को स्थगित रखने की अपील की गई है। जिन खेतों में पानी भरने की संभावना है, वहां से जल निकासी की व्यवस्था करने को कहा गया है ताकि फसलें गिरने से बचें और अनाज खराब न हो।









