चक्रवात मुरासु आंध्र प्रदेश तबाही, Mausam Breaking (आंध्र प्रदेश): दक्षिण भारत में चक्रवाती तूफान मुरासु ने आंध्र प्रदेश में भारी तबाही मचाई है। तूफान के कारण अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 52 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फसलें बर्बाद हो गई हैं।
हालात को देखते हुए 35 से ज्यादा ट्रेनें रद्द करनी पड़ी हैं और 12,230 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। शुरुआती आकलन के अनुसार, तूफान से राज्य को करीब 344 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
बुधवार को भी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
चक्रवाती तूफान मुरासु के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश हो रही है। काकीनाड़ा में बारिश के चलते निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं और सड़कों पर पानी भर गया है।
कई क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।
तूफान के असर से ओडिशा के पुरी में मंगलवार को दिनभर हल्की बारिश होती रही। वहीं, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मंगलवार शाम तेज बारिश दर्ज की गई।
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भी तूफान का असर दिखाई दिया। मौसम केंद्र के मुताबिक, बुधवार से मध्य प्रदेश में तूफान का असर कम होने की संभावना है।
उत्तर भारत में ठंड ने दस्तक दे दी है। उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है।
बुधवार सुबह लखनऊ, वाराणसी, मुरादाबाद, बिजनौर और हापुड़ समेत 10 से अधिक जिलों में कोहरा छाया रहा। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में पूर्वांचल के कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है।
राजस्थान में रात के तापमान में गिरावट के साथ सर्दी बढ़ने लगी है। शेखावाटी क्षेत्र के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है।
बिहार में नवंबर की शुरुआत के साथ ठंड का असर महसूस होने लगा है, हालांकि फिलहाल मौसम स्थिर रहने का अनुमान है।
हरियाणा में रात के तापमान में गिरावट जारी है, जबकि दिन में अभी गर्मी का असर बना हुआ है। पंजाब और चंडीगढ़ में बुधवार को मौसम शुष्क रहने का अनुमान है और 9 नवंबर तक बारिश की कोई संभावना नहीं है।
हिमाचल प्रदेश में अगले छह दिनों तक मौसम साफ रहने का अनुमान है, जबकि उत्तराखंड के सभी जिलों में 11 नवंबर तक मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार सुबह वायु प्रदूषण बेहद गंभीर स्तर पर पहुंच गया। सुबह 7:41 बजे दिल्ली का कुल वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 605 दर्ज किया गया।
इंडिया गेट के आसपास के इलाके में भी AQI 414 रहा, जिसे गंभीर श्रेणी में रखा गया है।











