15 राज्यों में बारिश का खतरा, IMD चेतावनी, Mausam Breaking (दक्षिण भारत, दिल्ली-एनसीआर): नवंबर की शुरुआत के साथ देशभर में मौसम तेजी से बदल रहा है। कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है, जबकि सुबह और शाम की गुलाबी ठंड ने दस्तक दे दी है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, गुरुवार 5 नवंबर 2026 को दक्षिण भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की पूरी संभावना है। मौसम से जुड़ी रिपोर्टों में करीब 15 राज्यों में मौसम बदलने या बारिश की आशंका जताई गई है, हालांकि सभी 15 राज्यों के लिए एक समान भारी बारिश का आधिकारिक अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के कमजोर पड़ने के बावजूद इसका असर दक्षिण और मध्य भारत के कुछ इलाकों में दिख रहा है। मौसम विभाग के अनुसार यह सिस्टम पूर्वी तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश के आसपास कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल रहा है।
इसके प्रभाव से कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाएं जारी रह सकती हैं।
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5 नवंबर को बिजली कड़कने और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है, और 6 से 8 नवंबर के बीच भी मौसम खराब रहने का अनुमान है। केरल और कर्नाटक के कई इलाकों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग सहित दक्षिणी जिलों में भी बारिश की गतिविधियां कुछ दिनों तक बनी रह सकती हैं।
दिल्ली में 5 नवंबर को आसमान मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है, हालांकि सुबह कुछ जगहों पर हल्की धुंध रह सकती है। IMD के अनुसार अधिकतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 15 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
दिल्ली में फिलहाल बारिश को लेकर कोई चेतावनी नहीं है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में सुबह और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, जबकि झारखंड में मौसम का मिला-जुला असर दिखेगा। मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है, वहीं राजस्थान में ठंडक बढ़ गई है और मौसम ज्यादातर शुष्क रहेगा।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में ठंड बढ़ने लगी है और कुछ ऊंचाई वाले स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना है।
मौसम विभाग ने बारिश से प्रभावित इलाकों के लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। बिजली कड़कने या तूफान के दौरान खुले मैदानों, बड़े पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें।
तटीय इलाकों में तेज बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव से बचें। पहाड़ी इलाकों की यात्रा से पहले स्थानीय मौसम अपडेट जरूर देखें।










