मुरासु तूफान का असर कमजोर, देश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम साफ, Mausam Breaking: मौसम विज्ञान विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 5 नवंबर को पूरे भारत में वायुमंडलीय स्थितियों में काफी स्थिरता आ रही है, क्योंकि भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ तेजी से कमजोर हो रहा है।
हालांकि आंध्र प्रदेश, रायलसीमा समेत दक्षिण भारत में अभी भी बारिश का अलर्ट बना हुआ है। 4 नवंबर को पूर्वी तेलंगाना और उससे सटे तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर यह प्रणाली डीप डिप्रेशन से कमजोर होकर डिप्रेशन और फिर वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदल गई थी।
अब यह उसी क्षेत्र में और कमजोर होकर सामान्य लो प्रेशर एरिया में तब्दील हो गई है। मछलीपट्टनम और विशाखापत्तनम में रडार निगरानी के जरिए इसके धीरे-धीरे खत्म होने को ट्रैक किया जा रहा है।
इस उष्णकटिबंधीय प्रणाली के कमजोर पड़ने के साथ मध्य और पूर्वी भारत में भारी बारिश की गतिविधियां कम हो गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 5 नवंबर के लिए तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, तथा केरल और माहे के लिए येलो चेतावनी जारी की है।
यहां छिटपुट आंधी-तूफान, बिजली गिरने और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
अन्य सभी मौसम विज्ञान उप-क्षेत्रों में मौसम साफ रहने की उम्मीद है और वहां कोई विशेष मौसम चेतावनी नहीं है। इनमें जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान शामिल हैं।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र तथा मराठवाड़ा में भी बारिश की संभावना नहीं है। बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर भारत के राज्य, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में मौसम साफ रहेगा।
मौसम विभाग के अनुसार 5 नवंबर सुबह 5:30 बजे से 6 नवंबर सुबह 5:30 बजे तक की आधिकारिक समुद्री चेतावनी में किसी भी समुद्री क्षेत्र के लिए मछुआरों हेतु कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और तटीय इलाकों में तेज हवाओं और समुद्र की खराब स्थिति अब पूरी तरह शांत हो गई है, जिससे मछली पकड़ने, बंदरगाहों और शिपिंग से जुड़ी गतिविधियां सामान्य हो गई हैं।








