Cyclone Arnab का हरियाणा के मौसम पर असर, 29 अक्टूबर को बारिश और तेज हवाओं का येलो अलर्ट

Cyclone Arnab Haryana Impact: बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात अर्नब के कारण हरियाणा के कई जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 29 अक्टूबर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और तापमान में गिरावट आने का अनुमान जताया गया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर: Cyclone Arnab Haryana Impact
प्रतीकात्मक तस्वीर. Photo: Vladimir Srajber / Pexels

Cyclone Arnab Haryana Impact, मौसम ब्रेकिंग (हरियाणा): बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान अर्नब का असर हरियाणा के मौसम पर भी दिखाई दे सकता है। प्रदेश के कई जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

मौसम में बदलाव के बीच 29 अक्टूबर के लिए येलो अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

ऐसे में लोगों को आने वाले दिनों में मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

यह भी पढ़ें: हिमाचल में दो दिन बारिश और बर्फबारी के आसार

बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान अर्नब के कारण देश के कई हिस्सों में मौसम बदलने का अनुमान है। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव आंध्र प्रदेश और आसपास के तटीय क्षेत्रों में रहने की संभावना है, लेकिन उत्तरी भारत में भी इसके अप्रत्यक्ष प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।

प्रदेश में इसका असर बारिश, तेज हवाओं और तापमान में बदलाव के रूप में दिखाई दे सकता है। हालांकि, हरियाणा में तटीय इलाकों जैसी चक्रवाती परिस्थितियां बनने की आशंका नहीं है।

यहां मौसम का प्रभाव स्थानीय परिस्थितियों और दूसरे सक्रिय मौसम तंत्रों पर भी निर्भर करेगा।

यह भी पढ़ें: मध्य वियतनाम में भारी बारिश का दौर जारी, 250 मिमी से अधिक वर्षा की चेतावनी

मौसम में इस बदलाव के चलते प्रदेश के कुछ हिस्सों में आसमान में बादल छाने और रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। बारिश की तीव्रता सभी जिलों में एक जैसी नहीं रहेगी।

यह भी पढ़ें: राजस्थान में पंच-सरपंच के चुनाव के दिन बारिश का अलर्ट: चक्रवाती तूफान अर्नब के असर से 40KM की स्पीड से हवा

इसलिए किसी एक जिले के पूर्वानुमान को पूरे हरियाणा पर लागू करके नहीं देखा जाना चाहिए।

मौसम संबंधी रिपोर्टों के अनुसार, 28 और 29 अक्टूबर को हरियाणा के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। संभावित प्रभावित जिलों में भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद, गुरुग्राम, नारनौल, रेवाड़ी, पलवल, रोहतक और नूंह शामिल हैं।

इन इलाकों में मौसम बदलने के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर बादल छाने के बाद बारिश हो सकती है, जबकि अन्य क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है।

हरियाणा में 29 अक्टूबर को मौसम में बदलाव को देखते हुए येलो अलर्ट की जानकारी सामने आई है। येलो अलर्ट का सामान्य अर्थ है कि मौसम से जुड़ी संभावित स्थिति के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है।

इसका मतलब यह नहीं है कि हर जगह भारी बारिश या नुकसान होना तय है।

पूर्वानुमान के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। बारिश और तेज हवाओं के कारण खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों, दोपहिया वाहन चालकों और खेतों में काम करने वाले किसानों को सावधानी बरतनी चाहिए।

यदि किसी इलाके में गरज-चमक या तेज हवा की स्थिति बनती है, तो पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। मौसम खराब होने पर खुले मैदान में रुकने के बजाय सुरक्षित स्थान पर जाना बेहतर होगा।

हरियाणा में अक्टूबर के अंतिम दिनों में मौसम में बदलाव के कारण रात के तापमान में गिरावट महसूस की जा सकती है। हालिया मौसम रिपोर्टों में प्रदेश के कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान कम होने की जानकारी भी सामने आई है।

उत्तर-पश्चिमी हवाओं और पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम की गतिविधियों का असर मैदानी इलाकों के तापमान पर पड़ सकता है। बारिश होने पर दिन के तापमान में भी गिरावट आ सकती है, जिससे सुबह और रात के समय मौसम अपेक्षाकृत ठंडा महसूस होगा।

बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को सुबह और रात के समय कपड़ों का ध्यान रखने की जरूरत है। किसानों को भी फसलों और कृषि कार्यों की योजना बनाते समय स्थानीय मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखना चाहिए।

हरियाणा में चक्रवात अर्नब के असर को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रदेश में भारी बारिश होगी। उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार, कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है जिसे पूरे प्रदेश में भारी बारिश की निश्चित चेतावनी नहीं माना जाना चाहिए।

चक्रवात का मुख्य प्रभाव पूर्वी और तटीय भारत के कुछ हिस्सों में अधिक रहने का अनुमान है। वहीं, उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां चक्रवात के अप्रत्यक्ष प्रभाव और अन्य मौसम प्रणालियों के मेल से प्रभावित हो सकती हैं।

इसलिए बारिश की वास्तविक स्थिति जानने के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की आधिकारिक चेतावनियों और जिला प्रशासन की सलाह पर भरोसा करना जरूरी है। मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है, ऐसे में पुरानी जानकारी के आधार पर यात्रा या बाहरी गतिविधियों की योजना बनाने से बचें।

मौसम बदलने के दौरान कुछ सामान्य सावधानियां उपयोगी हो सकती हैं। बारिश के समय वाहन चलाते हुए गति कम रखें और सड़क पर पानी जमा होने की स्थिति में अतिरिक्त सतर्कता बरतें।

तेज हवाएं चलने पर कमजोर पेड़ों, अस्थायी होर्डिंग और बिजली के तारों से दूरी बनाए रखें। किसानों को फसल कटाई और सिंचाई से जुड़े फैसले स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार लेने चाहिए।

Aditi Chauhan
लेखक परिचय

Aditi Chauhan

Climate & Weather Explainer Writer

Aditi Chauhan, Mausam Breaking के Explainers Desk से जुड़ी हैं। वे मानसून, चक्रवात, पश्चिमी विक्षोभ, El Niño, La Niña और अन्य मौसम प्रणालियों से जुड़े विषयों को सरल भाषा में समझाने वाले articles तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य जटिल मौसम विज्ञान संबंधी विषयों को आम पाठकों के लिए आसान और उपयोगी बनाना है।