मुरासु तूफान का असर कम, मध्य प्रदेश के 5 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, दिवाली पर खिलेगी धूप

मुरासु तूफान मध्य प्रदेश बारिश अलर्ट: मुरासु तूफान मध्य प्रदेश मौसम: चक्रवाती तूफान 'मुरासु' का असर कम होने लगा है। 4 नवंबर को सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर में आंधी-बारिश का अलर्ट है, जबकि 5, 6 और 7 नवंबर को प्रदेश में बारिश या आंधी की संभावना नहीं बताई गई है। धनतेरस और दीपावली के लिए मौसम राहत भरा रहने का अनुमान है।

मुरासु तूफान मध्य प्रदेश बारिश अलर्ट, Mausam Breaking (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश में चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ का असर अब कम होने लगा है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में मंगलवार को कई जगह बादल छाए रहे।

कुछ जिलों में बूंदाबांदी और आंधी की स्थिति भी बनी। हालांकि, मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार से तूफान का असर कमजोर पड़ जाएगा।

4 नवंबर को प्रदेश के सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर में आंधी-बारिश का अलर्ट है, जबकि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर समेत बाकी हिस्सों में धूप खिलेगी। मौसम का यह बदलाव धनतेरस और दीपावली के त्योहार के लिए भी राहत लेकर आया है।

मौसम विभाग के अनुसार 5, 6 और 7 नवंबर को प्रदेश में बारिश या आंधी की संभावना नहीं है। इन दिनों आसमान साफ रहने का अनुमान है।

वहीं, अगले चार दिनों में रात के तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है।

4 नवंबर: इन 5 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट। मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार, 4 नवंबर को प्रदेश के पांच जिलों में आंधी-बारिश की संभावना है।

इनमें सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर शामिल हैं। दैनिक भास्कर के मौसम मैप में भी इन पांच जिलों को नीले रंग से दिखाया गया है, जो आंधी-बारिश वाले क्षेत्र हैं।

वहीं, बाकी प्रदेश में मौसम साफ रहने और धूप खिलने का अनुमान है। मैप में भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना, सागर, छतरपुर, दमोह समेत अधिकांश जिलों को पीले रंग में दिखाया गया है।

5 नवंबर: पूरे प्रदेश में खिलेगी धूप। गुरुवार, 5 नवंबर को मौसम में और सुधार होने का अनुमान है।

मौसम मैप के अनुसार सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर समेत सभी जिलों में धूप खिलेगी। प्रदेश में कहीं भी आंधी-बारिश का अलर्ट नहीं दिखाया गया है।

6 और 7 नवंबर: बारिश का अलर्ट नहीं। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 6 और 7 नवंबर को भी प्रदेश में मौसम साफ रहेगा।

दोनों दिन पूरे मध्य प्रदेश को मौसम मैप में पीले रंग से दिखाया गया है। इसका मतलब है कि इन तारीखों पर सभी जिलों में धूप खिलने का अनुमान है।

ऐसे में धनतेरस और दीपावली के दौरान बारिश से त्योहारों की तैयारियों पर असर पड़ने की संभावना नहीं है।

अगले 4 दिन में 2 डिग्री तक गिरेगा रात का पारा। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों में न्यूनतम तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट का अनुमान जताया है।

बीती रात प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में सबसे कम न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा शाजापुर के गिरवर में 14.4 डिग्री, भोपाल में 15.1 डिग्री, नीमच के मरुखेड़ा में 15.4 डिग्री और कटनी के करौंदी में 15.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।

पचमढ़ी में दिन के तापमान में भी गिरावट आई है। यहां दो दिन में अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

अमरकंटक, मलाजखंड, बैतूल, नरसिंहपुर और सिवनी प्रदेश के ठंडे इलाकों में शामिल हैं। वहीं, मंडला में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

प्रदेश में दिन के तापमान में भी 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई है।

नवंबर के दूसरे सप्ताह से बढ़ेगी ठंड। मौसम विभाग के अनुसार नवंबर के दूसरे सप्ताह से प्रदेश में ठंड का असर तेज होने लगेगा।

खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में उत्तरी हवाओं के कारण रात का तापमान तेजी से गिर सकता है। ग्वालियर में 57 साल पहले नवंबर में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है।

वहीं, उज्जैन में 53 साल पहले पारा 2.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। भोपाल, इंदौर और जबलपुर में नवंबर के दौरान बारिश का ट्रेंड भी रहा है।

इस बार महीने की शुरुआत में ही बारिश का अलर्ट देखने को मिला है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक नवंबर के तीसरे और चौथे सप्ताह में भी मौसम का सिस्टम सक्रिय होने से बारिश हो सकती है।

भोपाल में 10 साल में 3 बार नवंबर में हुई बारिश। राजधानी भोपाल में नवंबर के दौरान रात का तापमान आमतौर पर 9 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है।

पिछले 10 साल का ट्रेंड भी कुछ ऐसा ही रहा है। इस बार भी दूसरे सप्ताह से तापमान में तेजी से गिरावट आने का अनुमान है।

मौसम विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक भोपाल में नवंबर का न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। यह रिकॉर्ड 30 नवंबर 1941 को दर्ज किया गया था।

नवंबर में राजधानी में बारिश भी होती रही है। पिछले 10 साल में तीन बार इस महीने बारिश दर्ज की गई है।

वहीं, साल 1936 में नवंबर के दौरान साढ़े पांच इंच से ज्यादा बारिश हुई थी।

इंदौर में 5.6 डिग्री तक पहुंच चुका है पारा। इंदौर में भी नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड बढ़ने लगती है।

रात का तापमान आमतौर पर 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। हालांकि, 25 नवंबर 1938 को शहर का न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।

नवंबर में यहां दिन का तापमान सामान्य तौर पर 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। इस दौरान कभी-कभार बारिश भी देखने को मिलती है।

Priya Verma

Priya Verma, Mausam Breaking की Hindi Editorial Team से जुड़ी हैं। वे विभिन्न राज्यों और शहरों के मौसम पूर्वानुमान, बारिश की संभावना, तापमान में बदलाव और स्थानीय मौसम परिस्थितियों से संबंधित खबरों को सरल हिंदी में प्रस्तुत करती हैं। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य technical weather information को आम पाठक के लिए आसानी से समझने योग्य बनाना है।

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