Aaj Ka Mausam 9-10 October 2026: दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के बीच देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज फिर बदल रहा है। शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, केरल और कई अन्य राज्यों में बारिश तथा तेज हवाओं की चेतावनी की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध मौसम विवरण के अनुसार देश के 22 राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है। कुछ क्षेत्रों में हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई है।
उत्तर प्रदेश के 42 जिलों में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी का उल्लेख किया गया है। वहीं उत्तराखंड में बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की खबर है। केरल के नौ जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट बताया गया है, जबकि पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों में ऑरेंज अलर्ट की जानकारी सामने आई है।
मौसम में इस बदलाव का असर आम लोगों के साथ किसानों, यात्रियों और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों पर भी पड़ सकता है।
उत्तर प्रदेश के 42 जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी की चेतावनी
उत्तर प्रदेश में मानसून की वापसी के दौरान एक बार फिर बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार राज्य के 42 जिलों में मौसम खराब रहने की चेतावनी है।
इनमें लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज और मेरठ जैसे प्रमुख शहरों का उल्लेख किया गया है।
कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ गरज-चमक और आंधी चल सकती है। हवाओं की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका भी बताई गई है।
तेज हवाओं के कारण पेड़ों की टहनियां टूटने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की संभावना है।
ग्रामीण इलाकों में किसानों को भी सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि अक्टूबर के दौरान कई स्थानों पर खरीफ फसलों की कटाई और कृषि कार्य चल रहे होते हैं।
दिल्ली-एनसीआर में अगले तीन दिन बारिश के आसार
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में अगले तीन दिनों तक मौसम में बदलाव की संभावना बताई गई है।
दिल्ली-एनसीआर में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान आसमान में बादल छाए रह सकते हैं।
उपलब्ध पूर्वानुमान में अधिकतम तापमान लगभग 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई गई है।
बारिश होने से कुछ समय के लिए गर्मी से राहत मिल सकती है। हालांकि तेज हवाओं और गरज-चमक के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर सावधानी बरतनी चाहिए।
हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में 9-10 अक्टूबर को बदलेगा मौसम
हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में भी 9 और 10 अक्टूबर के दौरान बारिश तथा तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
उपलब्ध मौसम विवरण के अनुसार कुछ स्थानों पर हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
इस दौरान बादल छाने, गरज-चमक और कुछ इलाकों में बारिश होने के आसार हैं।
तेज हवा और बारिश का असर खुले में रखी कृषि उपज तथा खेतों में चल रहे कटाई कार्यों पर पड़ सकता है।
किसानों को सलाह दी जाती है कि कटी हुई फसल और मंडी भेजने के लिए तैयार उपज को बारिश से सुरक्षित रखें।
राजस्थान के कई जिलों में बारिश की संभावना
राजस्थान में भी मौसम के बदलते मिजाज का असर देखने को मिल सकता है।
उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार धौलपुर, बूंदी, अजमेर, भरतपुर और हनुमानगढ़ सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
कुछ स्थानों पर बादल गरजने और तेज हवाएं चलने की आशंका भी जताई गई है।
बारिश की तीव्रता सभी जिलों में एक जैसी रहने की संभावना नहीं है। कुछ क्षेत्रों में केवल बादल छाए रह सकते हैं, जबकि अन्य स्थानों पर बारिश हो सकती है।
उत्तराखंड के आठ जिलों में येलो अलर्ट, पहाड़ों पर बर्फबारी
उत्तराखंड में मौसम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर सहित आठ जिलों के लिए येलो अलर्ट का उल्लेख किया गया है।
इन इलाकों में बारिश, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
राज्य में 9 से 14 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान भी बताया गया है।
केदारनाथ-बद्रीनाथ समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी
उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान गिरने और बर्फबारी की जानकारी भी सामने आई है।
केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री से जुड़े उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी होने का उल्लेख किया गया है।
लगभग 4,200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी के कारण ठंड बढ़ सकती है।
पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी के दौरान सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं। कुछ संवेदनशील मार्गों पर भूस्खलन और चट्टानें गिरने का खतरा भी बढ़ जाता है।
चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा शुरू करने से पहले स्थानीय प्रशासन से मार्गों की स्थिति और मौसम की ताजा जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
बिहार और झारखंड में बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका
बिहार और झारखंड के कई हिस्सों में बारिश तथा गरज-चमक की संभावना जताई गई है।
कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की आशंका है।
ग्रामीण और खुले इलाकों में बिजली गिरने की घटनाओं से बचाव के लिए विशेष सावधानी जरूरी है।
बारिश और गरज-चमक के दौरान खेतों, खुले मैदानों तथा पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।
पश्चिम बंगाल के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट
पश्चिम बंगाल में भी मौसम खराब रहने की चेतावनी सामने आई है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार दक्षिण बंगाल के हावड़ा, हुगली, उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना जिलों में ऑरेंज अलर्ट का उल्लेख किया गया है।
इन क्षेत्रों में तेज बारिश और गरज-चमक के कारण जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है।
वहीं उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी सहित कुछ अन्य जिलों में भी बारिश हो सकती है।
तेज बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव और सड़कों पर आवाजाही प्रभावित होने की आशंका रहती है।
केरल के नौ जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट
दक्षिण भारत के केरल में भारी बारिश को लेकर चेतावनी की जानकारी सामने आई है।
राज्य के नौ जिलों में येलो अलर्ट बताया गया है।
इन जिलों में कोल्लम, पथनमथिट्टा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, इडुक्की, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड शामिल हैं।
उपलब्ध विवरण के अनुसार इन जिलों में 24 घंटे के दौरान 64.5 मिलीमीटर से 115.5 मिलीमीटर तक बारिश होने की संभावना है।
इतनी बारिश से संवेदनशील और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को तेज बारिश के दौरान सतर्क रहना चाहिए।
तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भी बारिश
केरल के अलावा तमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश होने का अनुमान है।
तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भी अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना जताई गई है।
दक्षिण भारत में बारिश का असर क्षेत्र और स्थानीय मौसम परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
समुद्र तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों और मछुआरों को किसी भी समुद्री चेतावनी की स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में येलो अलर्ट की जानकारी
मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान और बारिश की संभावना बताई गई है।
उपलब्ध विवरण में इन राज्यों के कुछ क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट का उल्लेख है।
कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
हालांकि इन तीनों राज्यों के सभी जिलों में एक जैसी बारिश होने का अनुमान नहीं है। वास्तविक स्थिति स्थानीय मौसम प्रणालियों पर निर्भर करेगी।
देशभर में आज 9 अक्टूबर का राज्यवार मौसम
| राज्य या क्षेत्र | मौसम की संभावना |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश | 42 जिलों में तेज बारिश और 70 किमी/घंटा तक आंधी की चेतावनी का उल्लेख |
| दिल्ली-एनसीआर | अगले तीन दिन हल्की से मध्यम बारिश के आसार |
| हरियाणा | 9-10 अक्टूबर को बारिश और तेज हवाओं की संभावना |
| पंजाब | कुछ स्थानों पर बारिश और 50-60 किमी/घंटा तक हवा |
| चंडीगढ़ | बादल, बारिश और तेज हवाओं के आसार |
| उत्तराखंड | आठ जिलों में येलो अलर्ट का उल्लेख, ऊंचाई पर बर्फबारी |
| राजस्थान | धौलपुर, बूंदी, अजमेर, भरतपुर और हनुमानगढ़ समेत कई जिलों में बारिश |
| बिहार | बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका |
| झारखंड | कुछ क्षेत्रों में बारिश और आंधी |
| पश्चिम बंगाल | दक्षिण बंगाल के कुछ जिलों में ऑरेंज अलर्ट का उल्लेख |
| मध्य प्रदेश | कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान का येलो अलर्ट बताया गया |
| गुजरात | कुछ क्षेत्रों में बारिश और गरज-चमक की संभावना |
| महाराष्ट्र | कुछ स्थानों पर बारिश और तेज हवाओं के आसार |
| केरल | नौ जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट बताया गया |
| तमिलनाडु | कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना |
| कर्नाटक | अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश के आसार |
| आंध्र प्रदेश | तटीय क्षेत्रों और रायलसीमा में बारिश की संभावना |
उपलब्ध विवरण में 22 राज्यों में मौसम अलर्ट होने का दावा किया गया है, लेकिन सभी 22 राज्यों की अलग-अलग सूची नहीं दी गई है। ऊपर उन्हीं राज्यों और क्षेत्रों का उल्लेख किया गया है जिनकी जानकारी उपलब्ध है।
70 किलोमीटर की रफ्तार से आंधी चलने पर क्या होगा असर?
तेज आंधी और बारिश के दौरान कई तरह की परेशानियां सामने आ सकती हैं।
60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने पर कमजोर पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं।
कच्चे मकानों, अस्थायी ढांचों और खुले में रखे सामान को नुकसान होने का खतरा बढ़ सकता है।
कुछ स्थानों पर बिजली के तार प्रभावित होने से आपूर्ति बाधित हो सकती है।
बारिश के साथ तेज हवाएं चलने पर दोपहिया वाहन चालकों और खुले मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को भी परेशानी हो सकती है।
इसलिए आंधी के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना और सुरक्षित स्थान पर रहना बेहतर है।
बारिश का किसानों और खरीफ फसलों पर असर
अक्टूबर का महीना कई राज्यों में खरीफ फसलों की कटाई का समय होता है।
ऐसे में अचानक तेज बारिश होने से खेतों में खड़ी और काटकर रखी गई फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
धान, कपास और अन्य खरीफ फसलों की कटाई तथा मंडियों तक परिवहन प्रभावित हो सकता है।
किसानों को सलाह दी जाती है कि मौसम की चेतावनी वाले इलाकों में कटी हुई फसल को ढककर सुरक्षित स्थान पर रखें।
खेतों में पानी जमा होने की आशंका होने पर निकासी की उचित व्यवस्था रखें।
फसल कटाई और अन्य कृषि कार्य स्थानीय मौसम की स्थिति देखकर ही करें।
भारी बारिश और बिजली गिरने से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां
तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की आशंका के दौरान सावधानी बरतना जरूरी है।
- गरज-चमक के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
- बिजली के खंभों और टूटे हुए तारों से दूरी बनाए रखें।
- तेज आंधी में कमजोर दीवारों और अस्थायी ढांचों के पास न रुकें।
- जलभराव वाली सड़कों पर वाहन चलाने से बचें।
- पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की चेतावनी वाले मार्गों पर यात्रा न करें।
- किसानों को कटी हुई फसल और कृषि उपकरण सुरक्षित रखने चाहिए।
- स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों का पालन करें।
अगले कुछ दिनों में कैसा रहेगा देश का मौसम?
उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में अगले तीन दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में 9 से 10 अक्टूबर के दौरान बारिश तथा तेज हवाओं का असर बताया गया है।
उत्तराखंड में 9 से 14 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश की आशंका का उल्लेख है।
दक्षिण और पूर्वी भारत के कई क्षेत्रों में भी अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना बनी हुई है।
हालांकि मौसम की परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं। किसी भी राज्य या जिले में यात्रा करने, फसल कटाई या अन्य बाहरी गतिविधियों से पहले ताजा आधिकारिक पूर्वानुमान जरूर देखना चाहिए।









