Haryana : पंचकूला-यमुनानगर में बारिश-ओलावृष्टि, हरियाणा में फिर बिगड़ा मौसम; IMD का अलर्ट जारी

Haryana Weather Today 7 October 2026: हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम फिर बदल गया है। पंचकूला और यमुनानगर में बारिश की खबर है, जबकि पंचकूला में ओलावृष्टि भी देखने को मिली। News18 की रिपोर्ट में पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम और फरीदाबाद समेत 9 जिलों में Yellow Alert बताया गया है। IMD की 7 अक्टूबर की ताजा चेतावनी में Haryana-Chandigarh-Delhi के लिए thunderstorm, lightning और squall का खतरा बताया गया है।

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Haryana Weather Today 7 October 2026

Haryana Weather Today 7 October 2026: हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। पंचकूला और यमुनानगर समेत प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश देखने को मिली है, जबकि पंचकूला में ओलावृष्टि की खबर भी सामने आई है। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में गिरावट के साथ सुबह-शाम हल्की ठंड का अहसास बढ़ने लगा है।

मौसम विभाग ने भी हरियाणा को लेकर चेतावनी जारी की है। 7 अक्टूबर को प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं के साथ मौसम खराब रहने की संभावना है।

हरियाणा के 9 जिलों में Yellow Alert जारी  किया गया है। इनमें मुख्य रूप से उत्तर और पूर्वी हरियाणा के जिले प्रभावित बताए गए हैं।

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पंचकूला में बारिश के साथ गिरे ओले

हरियाणा में मौसम बदलने का सबसे ज्यादा असर पंचकूला क्षेत्र में देखने को मिला।

यहां बारिश के साथ ओलावृष्टि की खबर सामने आई है। अचानक हुई बारिश और ओलों के कारण मौसम तेजी से बदला और तापमान में भी नरमी महसूस की गई।

अक्टूबर की शुरुआत में हुई इस तरह की बारिश का असर खासतौर पर उन किसानों पर पड़ सकता है जिनकी धान की फसल कटाई के लिए तैयार है या उपज मंडियों में खुले में पड़ी है।

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यमुनानगर में भी बदला मौसम

यमुनानगर में भी बारिश ने मौसम बदल दिया।

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प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में बादलों और बारिश की गतिविधियां दिखाई दी हैं। इसके साथ ही कई क्षेत्रों में तेज हवा और गरज-चमक वाला मौसम बना हुआ है।

धान के सीजन के बीच बारिश किसानों की चिंता बढ़ा सकती है।

खेतों में तैयार फसल के अलावा मंडियों में पहुंची धान को भी बारिश से बचाना जरूरी है।

हरियाणा के 9 जिलों में Yellow Alert

पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम और फरीदाबाद शामिल हैं। इन क्षेत्रों में मौसम की गतिविधियां अपेक्षाकृत ज्यादा रहने की संभावना बताई गई है। लोगों को गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

IMD ने 7 अक्टूबर के लिए क्या कहा?

भारत मौसम विज्ञान विभाग के Met Centre Chandigarh की 7 अक्टूबर को जारी ताजा चेतावनी में Haryana, Chandigarh & Delhi subdivision के लिए thunderstorm, lightning और squall जैसी गतिविधियों की चेतावनी दी गई है।

इसका मतलब है कि प्रदेश में हर जगह एक जैसा मौसम होना जरूरी नहीं है।

कुछ हिस्सों में बारिश और तेज हवा हो सकती है, जबकि दूसरे जिलों में मौसम मुख्य रूप से साफ या आंशिक रूप से बादलों वाला रह सकता है।

तेज हवाओं से भी रहें सावधान

मौसम में बदलाव केवल बारिश तक सीमित नहीं है।

गरज-चमक के दौरान तेज हवाएं चलने की स्थिति भी बन सकती है।

ऐसे मौसम में पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले स्थानों के आसपास सावधानी रखना जरूरी है।

बिजली चमकने या गरज के दौरान खेत और खुले मैदान में रुकने से बचना चाहिए।

किन जिलों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रह सकता है?

मौसम  रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश के पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में मौसम की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है।

सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, जींद, कैथल, रोहतक, झज्जर, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, नूंह और पलवल जैसे जिलों में उत्तर और पूर्वी हरियाणा की तुलना में मौसम अपेक्षाकृत शांत रह सकता है।

हालांकि स्थानीय स्तर पर बादल या मौसम में अचानक बदलाव से इनकार नहीं किया जा सकता।

बारिश से तापमान में आई गिरावट

बारिश और बादलों के कारण प्रदेश के तापमान पर भी असर पड़ा है।

दिन के तापमान में नरमी आने के साथ सुबह और रात के समय मौसम पहले की तुलना में अधिक सुहावना महसूस होने लगा है।

अक्टूबर आगे बढ़ने के साथ रात के तापमान में सामान्य मौसमी गिरावट भी बढ़ती जाएगी।

किसानों की बढ़ी चिंता

इस समय हरियाणा में धान की कटाई और मंडियों में आवक का महत्वपूर्ण दौर चल रहा है।

ऐसे में बारिश किसानों के लिए परेशानी पैदा कर सकती है।

खेतों में खड़ी या कटी हुई फसल भीगने पर उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा रहता है।

मंडियों में खुले में रखी धान भी बारिश की चपेट में आ सकती है।

इसलिए मौसम खराब रहने वाले क्षेत्रों में किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

पश्चिमी विक्षोभ से बदला हरियाणा का मौसम

उत्तर भारत के मौसम में आए बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ का असर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इसके प्रभाव से हरियाणा समेत उत्तर-पश्चिम भारत के कई क्षेत्रों में बादल, बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है।

यही कारण है कि अक्टूबर की शुरुआत में सामान्य शुष्क मौसम के बीच अचानक बारिश और ओलावृष्टि जैसी गतिविधियां देखने को मिल रही हैं।

8 अक्टूबर को भी मौसम पर नजर

7 अक्टूबर के बाद मौसम तुरंत पूरी तरह साफ होने की उम्मीद करना उचित नहीं होगा।

IMD Met Centre Chandigarh की 7 अक्टूबर को जारी subdivision warning में 8 अक्टूबर को भी Haryana-Chandigarh-Delhi के लिए thunderstorm, lightning और squall की चेतावनी दर्ज है।

इसलिए अगले 24 घंटे मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रह सकते हैं।

स्थानीय मौसम की स्थिति जिले और समय के अनुसार अलग हो सकती है।

9 अक्टूबर के बाद क्या होगा?

मौसम विभाग की ताजा चेतावनी को पुराने forecasts से अलग करके देखना जरूरी है।

7 अक्टूबर को जारी IMD Met Centre Chandigarh की उपलब्ध subdivision warning में 9 अक्टूबर से आगे फिलहाल कोई चेतावनी नहीं दिखाई गई है।

इसलिए किसी पुराने पूर्वानुमान के आधार पर 10, 11 या 12 अक्टूबर तक निश्चित रूप से बारिश या ओलावृष्टि जारी रहने का दावा करना सही नहीं होगा।

आगे का पूर्वानुमान मौसम विभाग के नए अपडेट के साथ बदल सकता है।

किसानों के लिए जरूरी सलाह

जिन जिलों में गरज-चमक और बारिश की संभावना है, वहां खेत में कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने का प्रयास करें।

मंडी में उपज लेकर गए किसानों को भी बारिश से बचाव के लिए तिरपाल आदि की व्यवस्था रखनी चाहिए।

तेज गरज और बिजली के दौरान पेड़ के नीचे खड़े होने से बचें।

खुले खेत में बिजली चमकने की स्थिति में सुरक्षित पक्के स्थान की ओर जाना बेहतर है।

Aditi Chauhan
लेखक परिचय

Aditi Chauhan

Climate & Weather Explainer Writer

Aditi Chauhan, Mausam Breaking के Explainers Desk से जुड़ी हैं। वे मानसून, चक्रवात, पश्चिमी विक्षोभ, El Niño, La Niña और अन्य मौसम प्रणालियों से जुड़े विषयों को सरल भाषा में समझाने वाले articles तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य जटिल मौसम विज्ञान संबंधी विषयों को आम पाठकों के लिए आसान और उपयोगी बनाना है।