मध्य प्रदेश मौसम 3 नवंबर पूर्वानुमान, Mausam Breaking (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश में 3 नवंबर को मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी और अन्य सक्रिय मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही, हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, शहडोल और रीवा संभाग के कई जिलों में मौसम में बदलाव के संकेत हैं।
जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, डिंडौरी और बालाघाट में कहीं-कहीं बादलों की गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। वहीं रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में आसमान में बादल छाए रहने के साथ कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और हल्की बौछारें पड़ने का अनुमान है।
दूसरी ओर, ग्वालियर और चंबल संभाग में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने की संभावना है। ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी और गुना में आसमान साफ से आंशिक रूप से बादलों वाला रह सकता है।
उत्तर दिशा से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण सुबह और रात के समय ठंड का असर बढ़ेगा, जबकि दिन में हल्की धूप लोगों को राहत देगी।
मालवा और निमाड़ क्षेत्र की बात करें तो इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी और बुरहानपुर में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की उम्मीद है। यहां दिन के समय धूप खिल सकती है, हालांकि बीच-बीच में आसमान में हल्के बादल भी दिखाई दे सकते हैं।
इसी तरह उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, रतलाम, मंदसौर और नीमच में भी बारिश की संभावना कम है। इन जिलों में दिन के समय मौसम सुहावना रहने के साथ शाम और रात में हल्की ठंडक महसूस हो सकती है।
वहीं सागर और बुंदेलखंड क्षेत्र के सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर और टीकमगढ़ जिलों में सुबह के समय हल्की धुंध या कोहरा देखने को मिल सकता है।
हालांकि, दिन चढ़ने के साथ धूप निकलने की संभावना है, लेकिन बीच-बीच में बादलों की आवाजाही और कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के झोंके मौसम को प्रभावित कर सकते हैं। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के इस उतार-चढ़ाव का असर तापमान पर भी पड़ सकता है और कुछ जिलों में हल्की गिरावट दर्ज होने से ठंड का अहसास बढ़ सकता है।
मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। जिन किसानों की फसल कटकर खेतों में रखी हुई है या अनाज खुले स्थानों पर रखा है, उन्हें उसे सुरक्षित स्थान पर रखने अथवा अच्छी तरह ढकने की सलाह दी जाती है, ताकि संभावित बारिश और तेज हवाओं से नुकसान न हो।
वहीं आम नागरिकों को भी सुबह और रात के समय बढ़ती ठंड को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को ठंडी हवाओं से बचाकर रखें और मौसम के अनुसार गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करें।
कुल मिलाकर, 3 नवंबर को मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बादल, हल्की बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है, जबकि पश्चिमी और उत्तरी क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क और सुहावना रहने की संभावना है।














