गढ़वा मौसम समाचार, मौसम ब्रेकिंग (गढ़वा): खेतों में धान की फसल पककर कटाई के लिए तैयार है। कहीं किसान कटाई की तैयारी में जुटे हैं, तो कहीं फसल समेटने का इंतजार कर रहे हैं।
इसी बीच चक्रवात के प्रभाव से तेज हवा और भारी बारिश की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम का मिजाज बिगड़ा तो खेतों में खड़ी धान की फसल को भी भारी नुकसान हो सकता है।
फसल गिरने, दाने झड़ने और खेतों में पानी भरने की आशंका किसानों की नींद उड़ा रही है।
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कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक डॉ महेश चंद्र जेरई ने बताया कि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, मंगलवार को गढ़वा में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन बारिश की संभावना कम है। 28 अक्टूबर को मौसम में बदलाव के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
उस दिन करीब 6.4 मिमी बारिश होने की संभावना है। वहीं 29 अक्टूबर को भारी बारिश और तेज हवा चलने की आशंका जताई गई है।
उस दिन करीब 54.3 मिमी बारिश होने का अनुमान है।
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उसी तरह 30 अक्टूबर को भी 27.9 मिमी बारिश का अनुमान है। 31 अक्टूबर को भी हल्की बारिश होगी।
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उसके बाद मौसम में धीरे-धीरे सुधार की संभावना है। धान की फसल पकने के समय बारिश और तेज हवा का असर उत्पादन के साथ उसकी गुणवत्ता पर भी पड़ सकता है।
उन्होंने बताया कि खेतों में खड़ी फसल गिरने से कटाई में परेशानी होगी। वहीं, कटी हुई फसल खुले में पड़ी रहने पर भींगने और खराब होने का खतरा रहेगा।
ऐसे में किसानों के सामने फसल को सुरक्षित समेटने की चुनौती है। उन्होंने कहा कि अगर धान की कटाई हुई हो तो उसे किसान खेत के ऊंचे स्थान पर रखें।
खलिहान में हो तो उसे ढंककर रखें। उन्होंने बताया कि रबी फसल को बारिश से फायदा होगा।
अगर बुवाई न हुई हो तो किसान बुवाई कर लें ताकि नमी का फायदा फसल को हो। उधर मौसम की इस संभावित मार से किसानों की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है कि धान उनकी प्रमुख खरीफ फसलों में शामिल है।
लगातार बारिश होने पर खेतों में नमी बढ़ने से कटाई और फसल की मड़ाई का काम भी प्रभावित हो सकता है। प्रगतिशील किसान शिवनाथ कुशवाहा ने बताया कि 28-29 अक्टूबर को संभावित तूफ़ान और बारिश से किसानों को भारी क्षति हो सकती है।
उन्होंने बताया कि खेतों में धान का फसल लगभग तैयार हो चुका है। अगर बारिश हो जाती है तो किसानों को भारी नुक़सान उठाना पड़ सकता है।









