छत्तीसगढ़ मौसम, मौसम ब्रेकिंग (खैरागढ़): बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र और चक्रवाती गतिविधियों के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में 29 अक्टूबर तक बारिश की संभावना है। इसे देखते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर ने किसानों के लिए कृषि सलाह जारी की है।
किसानों को अगले दो से चार दिनों तक धान की कटाई रोकने, कटी फसल सुरक्षित स्थान पर रखने और खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करने को कहा गया है।
जिला जनसंपर्क अधिकारी राजेश नेताम के मुताबिक, भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर विश्वविद्यालय ने 25 से 29 अक्टूबर तक बारिश की आशंका जताई है। इस दौरान कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
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कृषि विश्वविद्यालय के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से चक्रवाती गतिविधियां बढ़ रही हैं। इसके प्रभाव से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
पूर्वानुमान के मुताबिक, दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी समेत कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 27 अक्टूबर को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश के आसार हैं।
वहीं, 28 और 29 अक्टूबर को सभी जिलों में वर्षा की संभावना जताई गई है। लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आने का भी अनुमान है।
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धान की फसल पकने की अवस्था में है। ऐसे में बारिश से नुकसान की आशंका को देखते हुए कृषि विश्वविद्यालय ने आगामी दो से चार दिनों तक कटाई स्थगित रखने की सलाह दी है।
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जिन किसानों ने फसल काट ली है, उन्हें इसे जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने को कहा गया है। खेतों में अतिरिक्त पानी जमा न होने दें और जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखें।
फसल में कीट या रोग के लक्षण दिखाई देने पर मौसम साफ होने के बाद जरूरी नियंत्रण उपाय अपनाने की सलाह भी दी गई है। कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों को गेहूं की बुवाई फिलहाल टालने की सलाह दी है।
इसके साथ ही रबी फसलों की बुवाई नवंबर के पहले सप्ताह से शुरू करने को कहा गया है।









