अर्नब तूफान के अलर्ट से बस्तर के लोगों में डर, जिला प्रशासन से लगाई गुहार

अर्नब तूफान: छत्तीसगढ़ के बस्तर में संभावित अर्नब चक्रवात तूफान के भारी बारिश और तेज आंधी के अलर्ट के बाद स्थानीय निवासियों में डर का माहौल है। सितंबर की बाढ़ से प्रभावित ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर सुरक्षित स्थानों पर विस्थापन की मांग की है।

प्रतीकात्मक तस्वीर: अर्नब तूफान
प्रतीकात्मक तस्वीर. Photo: Dibakar Roy / Pexels

अर्नब तूफान, मौसम ब्रेकिंग (बस्तर): छत्तीसगढ़ के बस्तर में 24, 25 और 26 सितंबर को आई बाढ़ से भारी नुकसान हुआ था। भारी बारिश की वजह से आए सैलाब ने तटीय इलाकों में बहुत नुकसान पहुंचाया और सैकड़ों लोगों के आशियाने ढह गए।

चार दिनों तक टापू में रात गुजारने और मवेशियों के बाढ़ का शिकार होने के कारण तबाही का डर लोगों के दिलों में आज भी बसा हुआ है। एक बार फिर अर्नब तूफान का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे लोगों में काफी डर है।

सितंबर में आई बाढ़ से प्रभावित लोग आज तक उबर नहीं सके हैं और आने वाले अर्नब तूफान को लेकर डरे हुए हैं। बाढ़ प्रभावित लोग सोमवार को जगदलपुर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और जिला प्रशासन से विस्थापित करने की मांग की।

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बस्तर में 26, 27 और 28 अक्टूबर को तेज आंधी तूफान के साथ मूसलाधार बारिश होगी और बाढ़ की संभावना है। नदी के तटीय इलाकों में बसे लोगों से अलर्ट रहने की अपील के बाद भेजापदर गांव के लोगों में डर बस गया है।

भेजापदर गांव में पहाड़ जैसे इलाके में गांव के लोग इकट्ठे हुए थे जिसके चारों दिशाओं में लगभग 10 किलोमीटर तक बाढ़ का पानी भरा था। ग्रामीण चाहते हैं कि प्रशासन उन्हें उनके गांव से विस्थापित करके नई जगह पहुंचाए ताकि जान बचाई जा सके।

बस्तर निवासी देवकी कश्यप ने कहा कि 26, 27 और 28 को तूफान आने से पहले प्रशासन उचित व्यवस्था करे। सरपंच भुवनेश्वरी बघेल ने बताया कि चार दिनों से भेजापदर गांव डूब गया था और घरों में बाढ़ का पानी घुस गया था।

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बाढ़ प्रभावित महेंद्र बघेल ने बताया कि इस साल बाढ़ सबसे अधिक थी इसलिए जमीन की मांग करने पहुंचे हैं और चोकावाड़ा गांव का चयन किया गया है। अपर कलेक्टर सीपी बघेल ने बताया कि तूफान के बाद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।

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Aditi Chauhan
लेखक परिचय

Aditi Chauhan

Climate & Weather Explainer Writer

Aditi Chauhan, Mausam Breaking के Explainers Desk से जुड़ी हैं। वे मानसून, चक्रवात, पश्चिमी विक्षोभ, El Niño, La Niña और अन्य मौसम प्रणालियों से जुड़े विषयों को सरल भाषा में समझाने वाले articles तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य जटिल मौसम विज्ञान संबंधी विषयों को आम पाठकों के लिए आसान और उपयोगी बनाना है।