साइक्लोन अर्नब के कारण आंध्र प्रदेश में पांच लोगों की मौत, भारी बारिश जारी

साइक्लोन अर्नब: साइक्लोन अर्नब के कारण आंध्र प्रदेश में पांच लोगों की मौत हो गई है और भारी बारिश के बीच लोगों को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। बंगाल की खाड़ी से उठा यह चक्रवात अब कमजोर होकर निम्न दबाव क्षेत्र में बदल गया है, जिससे कई जिलों में बिजली आपूर्ति और फसलों को भारी नुकसान हुआ है।

प्रतीकात्मक तस्वीर: साइक्लोन अर्नब
प्रतीकात्मक तस्वीर. Photo: Dibakar Roy / Pexels

साइक्लोन अर्नब, मौसम ब्रेकिंग (आंध्र प्रदेश): आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने बताया है कि राज्य में साइक्लोन अर्नब के कारण पांच लोगों की मौत हुई है। बंगाल की खाड़ी में उठा भीषण साइक्लोन अर्नब मंगलवार की आधी रात के बाद बुधवार तड़के तट से टकराया था।

साइक्लोन अर्नब के प्रभाव से आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। चक्रवात से हुए नुकसान का शुरुआती आकलन किया जा रहा है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि साइक्लोन अर्नब अब कमजोर हो गया है और बीते छह घंटों में यह करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से उत्तर की ओर बढ़कर निम्न दबाव क्षेत्र में बदल गया है। 28 अक्तूबर की रात 11:30 बजे इसका केंद्र आंध्र प्रदेश के पास, दक्षिण ओडिशा, दक्षिण छत्तीसगढ़ और उत्तर-पूर्वी तेलंगाना से सटे क्षेत्र में था।

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आंध्र प्रदेश में इस साइक्लोन के कारण सबसे अधिक तबाही हुई है और राज्य के उत्तरी हिस्से के जिलों के साथ-साथ काकीनाडा, कोनासीमा और पूर्वी गोदावरी जिलों में भारी बारिश हो रही है। आंध्र प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्य निदेशक प्रखर जैन ने लोगों को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है।

आंध्र प्रदेश के बिजली विभाग के अधिकारियों ने समीक्षा बैठक में बताया कि अर्नब के प्रभाव से कोनासीमा ज़िले में करीब 6,000 बिजली के खंभे गिर गए हैं। तटीय ज़िलों के कई क्षेत्रों में बिजली की लाइनें पूरी तरह टूट गई हैं, जिससे गांवों और कस्बों में बड़े पैमाने पर बिजली गुल हो गई है।

मंत्री गोट्टीपति रविकुमार ने कहा कि क्षतिग्रस्त बिजली व्यवस्था बहाल करने के लिए काम जारी है और इसके लिए तेलंगाना सरकार से अतिरिक्त कर्मचारियों व उपकरणों को भेजने का अनुरोध किया गया है। तेलंगाना सरकार इस पर सहमत हो गई है और बारिश थमने के कुछ घंटों के भीतर बिजली बहाल कर दी जाएगी।

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चक्रवात का तटीय ज़िलों में धान, कोनासीमा में नारियल और गोदावरी घाटी में केले व जलीय कृषि पर गंभीर असर पड़ा है और हज़ारों एकड़ में फसलें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इस खरीफ सीजन में राज्य में धान की कुल खेती का रकबा 37.53 लाख एकड़ है, जिनमें से 26 लाख एकड़ साइक्लोन प्रभावित क्षेत्र में आते हैं।

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मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीमें भेजने का अनुरोध किया है। राहत कार्यों के लिए 14 ज़िलों में एनडीआरएफ़ की 16 और एसडीआरएफ़ की 11 टीमें तैनात की गई हैं, तथा शुरुआती अनुमानों के अनुसार 180 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और 220 से अधिक पेड़ गिरे हैं।

Aditi Chauhan
लेखक परिचय

Aditi Chauhan

Climate & Weather Explainer Writer

Aditi Chauhan, Mausam Breaking के Explainers Desk से जुड़ी हैं। वे मानसून, चक्रवात, पश्चिमी विक्षोभ, El Niño, La Niña और अन्य मौसम प्रणालियों से जुड़े विषयों को सरल भाषा में समझाने वाले articles तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य जटिल मौसम विज्ञान संबंधी विषयों को आम पाठकों के लिए आसान और उपयोगी बनाना है।