चक्रवात अर्नब, मौसम ब्रेकिंग (पानीपत): चक्रवात ‘अर्नब’ और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के कई जिलों में मौसम ने करवट ली है। गुरुवार तड़के सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और कई इलाकों में बूंदाबांदी हुई, जिससे तापमान में गिरावट आई है और ठंड का अहसास बढ़ गया है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवातीय तूफान ‘अर्नब’ और उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में यह बदलाव आया है।
इस प्रणाली के प्रभाव से हरियाणा और एनसीआर में नमी की मात्रा बढ़ी है, जिससे बारिश की संभावना है।
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पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद और पलवल जैसे उत्तरी जिलों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। कैथल, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी और जींद में भी बिखराव वाली हल्की बारिश हो सकती है。
मौसम में अचानक आए इस बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, खासकर उन किसानों की जिनकी धान की फसल कटाई के लिए तैयार है या कट चुकी है। पानीपत और यमुनानगर जैसे इलाकों में सुबह हुई बूंदाबांदी से मंडियों में खुले में रखे धान के भीगने का खतरा मंडराने लगा है।
इस मौसमी बदलाव के कारण हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में दिन और रात के तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है। तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है, जिससे ठंड का अहसास बढ़ेगा।
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मौसम विभाग ने 29 से 31 अक्तूबर तक के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
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अनाजमंडियों में अभी भी करीब एक लाख मीट्रिक टन (एमटी) धान उठान के इंतजार में पड़ा है। चार दिन पहले हुई बारिश के दौरान भी मंडियों में खुले में पड़ा करीब दो लाख एमटी धान भीग गया था।
अब दोबारा बादल छाने और बूंदाबांदी होने से किसानों व आढ़तियों की चिंता फिर बढ़ गई है।









