करवाचौथ पर चक्रवात अर्नब और बादलों का पहरा, हरियाणा में चांद के दीदार को लेकर सुहागिनों की बढ़ी चिंता

चक्रवात अर्नब: करवाचौथ के पावन पर्व पर चक्रवात अर्नब और पश्चिमी विक्षोभ के असर से हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में मौसम बदल गया है। घने बादलों और बूंदाबांदी के कारण सुहागिनों को चांद देखने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है, जबकि मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर: चक्रवात अर्नब
प्रतीकात्मक तस्वीर. Photo: Vinh Chế / Pexels

चक्रवात अर्नब, मौसम ब्रेकिंग (हरियाणा): इस बार करवाचौथ के पावन पर्व पर सुहागिनों के इंतजार की परीक्षा सिर्फ भूख-प्यास ही नहीं, बल्कि मौसम का मिजाज भी लेने वाला है। चक्रवात अर्नब और पश्चिमी विक्षोभ के मिले-जुले असर से दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में मौसम पूरी तरह बदल गया है।

गुरुवार सुबह से ही आसमान में घने काले बादलों ने डेरा डाल रखा है और कई जगहों पर बूंदाबांदी शुरू हो चुकी है। ऐसे में व्रती महिलाओं के मन में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है, क्या शाम को बादलों की ओट से चांद का दीदार आसानी से हो पाएगा?

मौसम विभाग ने 29 से 31 अक्तूबर के दौरान ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। तेज ठंडी हवाओं और रिमझिम फुहारों के कारण पारे में भारी गिरावट आई है, जिससे करवाचौथ की शाम सिहरन और हल्की ठंडक के बीच गुजरेगी।

यह भी पढ़ें: यूपी में दिखा अर्नब चक्रवात का असर, वाराणसी और प्रयागराज में हो रही बारिश

मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्नब और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते उत्तर भारत में नमी काफी बढ़ गई है।

पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद और पलवल में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।

यहाँ बादलों का पहरा इतना घना रह सकता है कि व्रतियों को अर्घ्य देने के लिए चांद देखने में लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। वहीं, दिल्ली, गुरुग्राम, रोहतक, हिसार, झज्जर, रेवाड़ी और भिवानी सहित आसपास के इलाकों में तेज हवाओं के साथ रुक-रुक कर बूंदाबांदी हो सकती है।

यह भी पढ़ें: बिहार में चक्रवात अर्णब का दिखेगा असर, अगले 48 घंटों में भारी बारिश का अलर्ट

शाम के समय बादलों और चांद के बीच आंख-मिचौली देखने को मिल सकती है। मौसम में आए इस बदलाव ने त्योहार की तैयारियों में गर्म कपड़ों को भी शामिल कर दिया है, जिससे महिलाओं को शॉल या स्टोल का सहारा लेना पड़ेगा।

यह भी पढ़ें: नवादा में अर्नब चक्रवात का असर, बादल और बूंदाबांदी से बदला मौसम

वहीं दूसरी ओर, ग्रामीण इलाकों में करवाचौथ की खुशियों के बीच किसानों की चिंता भी गहरा गई है। मंडियों और खेतों में कटी पड़ी धान की फसल को भीगने से बचाने के लिए किसान परिवार दिनभर तिरपाल और पन्नियों के इंतजाम में जुटे रहे।

Aditi Chauhan
लेखक परिचय

Aditi Chauhan

Climate & Weather Explainer Writer

Aditi Chauhan, Mausam Breaking के Explainers Desk से जुड़ी हैं। वे मानसून, चक्रवात, पश्चिमी विक्षोभ, El Niño, La Niña और अन्य मौसम प्रणालियों से जुड़े विषयों को सरल भाषा में समझाने वाले articles तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य जटिल मौसम विज्ञान संबंधी विषयों को आम पाठकों के लिए आसान और उपयोगी बनाना है।