चक्रवाती तूफान अर्नब, मौसम ब्रेकिंग (नई दिल्ली): बंगाल की खाड़ी से उठा बेहद भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ तेजी से आगे बढ़ रहा है. मौसम विभाग के अनुसार, इस तूफान के असर से 27 और 28 अक्टूबर 2026 के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और ओडिशा में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है.
वहीं, 28 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के भी कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश हो सकती है. वर्तमान में बंगाल की खाड़ी में 140 से 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं, जिनके झोंके 165 किमी प्रति घंटे तक पहुंच रहे हैं.
27 अक्टूबर की दोपहर से शाम तक यह तूफान और ज्यादा विकराल रूप ले सकता है, जिससे हवा की रफ्तार 150 से 160 किमी प्रति घंटे और झोंकों की गति 180 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है. इसके बाद समुद्र में हवा की गति धीरे-धीरे कम होगी, जो 27 तारीख की आधी रात तक 135-145 किमी प्रति घंटा और 28 तारीख की सुबह तक 125-135 किमी प्रति घंटा रह जाएगी.
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तट से टकराने के बाद तूफान की तीव्रता में लगातार गिरावट आएगी. 28 अक्टूबर की शाम तक हवा की गति घटकर 70 से 80 किमी प्रति घंटा और 29 अक्टूबर की सुबह तक 40 से 50 किमी प्रति घंटा रह जाने का अनुमान है.
इस चक्रवात के गंभीर खतरे को देखते हुए कृषि मौसम विभाग ने भी 10 राज्यों के किसानों और फसलों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है. फसल और उपज की सुरक्षा के तहत खेतों में कटी पड़ी धान की फसल को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की सलाह दी गई है.
खुले में रखे धान, मक्का और अन्य अनाज को तिरपाल से ढककर मजबूती से बांधें. जल निकासी की व्यवस्था के तहत निचले खेतों में पानी न भरे, इसके लिए तुरंत नालियां बनाएं और जलभराव रोकें.
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कृषि कार्य रोकते हुए खराब मौसम के दौरान फसलों की कटाई, कीटनाशकों का छिड़काव और खाद/उर्वरक डालने का काम पूरी तरह स्थगित रखें. बागवानी और सब्जियों को सहारा देते हुए सब्जियों, नर्सरी और केले जैसे कमजोर पौधों को टूटने से बचाने के लिए सहारा दें.
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पशुधन का बचाव करते हुए अपने मवेशियों को पक्के और सूखे शेड में बांधें. उनके लिए चारे और पीने के साफ पानी का पहले से इंतजाम रखें.
बिजली के खतरों से सावधान रहते हुए तूफान और बारिश के दौरान खेतों में लगे बिजली के खंभों, तारों और लोहे की मशीनों के पास बिल्कुल न जाएं.









