अर्णब चक्रवात, मौसम ब्रेकिंग (प्रयागराज/देवरिया): बंगाल की खाड़ी में तेजी से सक्रिय हो रहे नए चक्रवात अर्णब का असर अब उत्तर प्रदेश में साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के आंचलिक केंद्र लखनऊ की चेतावनी के मुताबिक 28 और 29 अक्टूबर को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की संभावना है।
इस दौरान कई जगहों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी तीव्र आशंका जताई गई है, जिसके चलते राहत आयुक्त ने समूचे प्रशासनिक तंत्र को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
प्रयागराज के अपर जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और आपदा कंट्रोल रूम को चौबीसों घंटे सक्रिय रखने का आदेश दिया है। मौसम के इस अचानक बदलाव से खेतों में खड़ी और कट कर पड़ी फसलों पर बड़ा खतरा मंडराने लगा है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने कृषि विभाग को गांवों में मुनादी कराकर किसानों को जागरूक करने को कहा है।
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किसानों को तैयार फसलों की तुरंत कटाई करने और अनाज को सुरक्षित ढके स्थानों पर पहुंचाने की सलाह दी गई है।
ग्राम पंचायतों और नगर निकायों में जर्जर भवनों का चिह्नांकन कर खतरनाक मकानों में रह रहे लोगों को राहत शिविरों में शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। नागरिकों से खराब मौसम में घरों से बाहर न निकलने की अपील की गई है और आकाशीय बिजली की सटीक जानकारी के लिए दामिनी ऐप का उपयोग करने को कहा गया है।
किसी भी प्रकार के नुकसान पर तुरंत राहत राशि का वितरण सुनिश्चित कर शासन को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
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देवरिया जनपद में भी चक्रवाती तूफान और भारी बारिश का हाई अलर्ट जारी किया गया है जहां बंगाल की खाड़ी का गहरा निम्न दबाव अब खतरनाक चक्रवात बन चुका है। जिला कृषि अधिकारी उदय शंकर सिंह के अनुसार 28 अक्टूबर से देवरिया में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बेमौसम भारी बारिश की प्रबल संभावना है।
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यह चक्रवातीय बारिश खरीफ की कटी-पड़ी फसलों और रबी की बुवाई दोनों के लिए बड़ा संकट है।
धान की फसल के लिए यह सबसे संवेदनशील समय है और जिन किसानों का धान 80 प्रतिशत से अधिक पक चुका है, वे तुरंत कटाई कर लें। मक्के की पकी बालियों को सुरक्षित स्थान पर रखें तथा अरहर और मूंगफली की फसलों में जलभराव रोकने के लिए नालियों की सफाई कर अतिरिक्त पानी निकालें।
गन्ने की फसल को सहारा देने और फिलहाल सिंचाई रोकने के साथ ही 28 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच रबी फसलों की बुवाई स्थगित करने की सख्त सलाह दी गई है।









