चक्रवाती तूफान मुरासु छत्तीसगढ़ भारी बारिश अलर्ट, Mausam Breaking (छत्तीसगढ़): बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव चक्रवाती तूफान मुरासु में बदल गया है और तेजी से ताकतवर हो रहा है। इसका असर आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग ने चार नवंबर को राज्य के कई हिस्सों में व्यापक बारिश का अनुमान जताया है। रायपुर, दुर्ग समेत 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि बस्तर संभाग के 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट है।
कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ आंधी चलने और बिजली गिरने की आशंका है, और हवाओं की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
इसके अलावा एक और दो नवंबर तथा पांच से सात नवंबर के दौरान भी प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। तूफान का सबसे अधिक प्रभाव दक्षिण भारत सहित कई राज्यों में रहने की संभावना है, जहां दो और तीन नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तेलंगाना में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
ओडिशा में दो से चार नवंबर के दौरान बारिश का दौर जारी रह सकता है, और तीन-चार नवंबर को दक्षिणी ओडिशा में बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, तमिलनाडु और केरल में भी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस चक्रवात के प्रभाव वाले इलाकों में हवा की रफ्तार 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, इसलिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इस चक्रवात का नाम भारत के वैज्ञानिकों ने रखा है; मुरासु का अर्थ है युद्ध में बजाया जाने वाला नगाड़ा।
उत्तर: मौसम विभाग के अनुसार, 4 नवंबर को छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।











