चक्रवात ‘मुरासु’ का असर: छत्तीसगढ़ में 3 दिन बारिश का येलो अलर्ट, दुर्ग समेत कई जिलों में 50 किमी प्रति घंटा तक हवाएं

चक्रवात मुरासु छत्तीसगढ़ बारिश येलो अलर्ट: बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के प्रभाव से दुर्ग संभाग सहित छत्तीसगढ़ में अगले दो से तीन दिनों तक मौसम बदला रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने दुर्ग के लिए येलो अलर्ट जारी कर हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली की चेतावनी दी है।

चक्रवात मुरासु छत्तीसगढ़ बारिश येलो अलर्ट, Mausam Breaking (दुर्ग, छत्तीसगढ़): बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के प्रभाव से दुर्ग संभाग सहित समूचे छत्तीसगढ़ में अगले दो से तीन दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा।

मौसम विभाग ने दुर्ग जिले के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए आसमान में घने बादल छाने, हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी है। सोमवार को जिले में अधिकतम तापमान 29.6 डिग्री (सामान्य से 1.1 डिग्री कम) और न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 1.6 डिग्री कम) दर्ज किया गया, जिससे सुबह और देर रात ठंड का असर बढ़ गया है।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, तूफान ‘मुरासु’ पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी से आंध्र प्रदेश की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इसके नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट से टकराने की आशंका है, जहां हवा की गति 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

इसका सीधा प्रभाव मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ पर पड़ेगा, जिससे दुर्ग, राजनांदगांव और बेमेतरा जिलों में तेज अंधड़ और बारिश की स्थिति बन सकती है।

पूर्वानुमान के मुताबिक, तीन नवंबर से 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने की संभावना है, जबकि चार नवंबर को मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इस दौरान बस्तर संभाग के जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है, वहीं दुर्ग जिले में दिनभर बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान है।

आगामी दिनों में दुर्ग में दिन का अधिकतम पारा 30 डिग्री और रात का न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने की उम्मीद है। बादलों और नमी के चलते दिन में तेज धूप और गर्मी से राहत मिलेगी, जबकि सुबह और देर रात सिहरन और ठिठुरन में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।

एक सप्ताह के भीतर बंगाल की खाड़ी में यह दूसरा चक्रवाती सिस्टम है। इससे पहले चक्रवात अर्नब के कारण आंध्र प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बारिश हुई थी, और छत्तीसगढ़ में बारिश व तेज हवा से धान की फसल को भारी नुकसान हुआ था।

नए चक्रवात के मद्देनजर निचले और पहाड़ी क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई गई है।

Neha Singh

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