मध्य प्रदेश के पूर्वी जिलों में बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश मौसम: बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात ‘अर्णब’ के चलते देश के पूर्वी हिस्सों में मौसम की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। इसका संभावित असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र की 26 अक्टूबर 2026 की चेतावनी के अनुसार, पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 और.

प्रतीकात्मक तस्वीर: मध्य प्रदेश मौसम
प्रतीकात्मक तस्वीर. Photo: Rana Deb / Pexels

मध्य प्रदेश मौसम, मौसम ब्रेकिंग (भोपाल): बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात ‘अर्णब’ के चलते देश के पूर्वी हिस्सों में मौसम की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। इसका संभावित असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी नजर आ रहा है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र की 26 अक्टूबर 2026 की चेतावनी के अनुसार, पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 और 30 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए 26 से 30 अक्टूबर के दौरान उपखंड स्तर पर कोई चेतावनी दर्ज नहीं की गई है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इस क्षेत्र में कहीं भी स्थानीय बारिश या गरज-चमक नहीं हो सकती।

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मौसम की स्थिति में बदलाव के लिए नए बुलेटिन पर नजर रखना जरूरी है।

पूर्वी मध्य प्रदेश के अंतर्गत आने वाले रीवा, सतना, सीधी, मऊगंज और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को अगले कुछ दिनों के मौसम अपडेट पर ध्यान देना चाहिए। उपखंड स्तर पर जारी भारी बारिश की चेतावनी का अर्थ यह नहीं है कि हर जिले में एक जैसी बारिश होगी।

किसी स्थान पर बारिश की मात्रा और समय अलग-अलग हो सकता है।

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किसानों को खुले में रखी उपज और कटाई के लिए तैयार फसलों की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। यात्रा करने वाले लोग भी मौसम और सड़क की स्थिति देखकर निकलें।

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गरज-चमक के दौरान खुले मैदान या अकेले पेड़ के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।

IMD के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश और यानम तट के आसपास बापटला तथा विशाखापत्तनम के बीच तट पार कर सकता है। तट पार करते समय हवा की गति 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों की रफ्तार 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।

आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में भारी से अत्यंत भारी बारिश तथा तेज हवाओं का खतरा है। तूफान के स्थल पर पहुंचने के बाद कमजोर होने और उससे जुड़ी नमी के आगे बढ़ने से मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी मौसम प्रभावित हो सकता है।

हालांकि, मध्य प्रदेश में बारिश का स्थान और उसकी तीव्रता अलग-अलग मौसम प्रणालियों पर निर्भर करेगी।

भोपाल पश्चिमी मध्य प्रदेश में आता है। इसलिए पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए जारी भारी बारिश की चेतावनी को राजधानी पर सीधे लागू नहीं किया जा सकता।

भोपाल में बारिश, बादल या गरज-चमक की संभावना जानने के लिए जिला-स्तरीय पूर्वानुमान देखना जरूरी है।

किसान मौसम का पूर्वानुमान देखकर कटाई, छिड़काव और उपज को सुरक्षित रखने की योजना बनाएं। तेज बारिश की स्थिति में जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें मौसम संबंधी किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें

चक्रवात ‘अर्णब’ का सबसे प्रत्यक्ष खतरा आंध्र प्रदेश और आसपास के तटीय क्षेत्रों में है। मध्य प्रदेश में फिलहाल प्रमुख बात पूर्वी हिस्सों के लिए 28 और 30 अक्टूबर की भारी बारिश की चेतावनी है।

भोपाल समेत पश्चिमी मध्य प्रदेश में इसका असर देखा जा सकता है।

चक्रवात ‘अर्नब’ बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न एक गंभीर चक्रवाती तूफान है, जिसका बंगाली भाषा में अर्थ ‘महासागर’ या ‘समुद्र’ होता है। मौसम विभाग के अनुसार, यह तूफान 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यनम के तटों से टकरा सकता है, जिसके दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किमी प्रति घंटा और तेज हवा के झोंके 140 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

Aditi Chauhan
लेखक परिचय

Aditi Chauhan

Climate & Weather Explainer Writer

Aditi Chauhan, Mausam Breaking के Explainers Desk से जुड़ी हैं। वे मानसून, चक्रवात, पश्चिमी विक्षोभ, El Niño, La Niña और अन्य मौसम प्रणालियों से जुड़े विषयों को सरल भाषा में समझाने वाले articles तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य जटिल मौसम विज्ञान संबंधी विषयों को आम पाठकों के लिए आसान और उपयोगी बनाना है।