झारखंड में भारी बारिश की चेतावनी, वज्रपात का अलर्ट

झारखंड में भारी बारिश: झारखंड में भारी बारिश, मौसम ब्रेकिंग (गिरिडीह): बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी प्रणाली के प्रभाव से धनबाद, बोकारो और गिरिडीह समेत झारखंड के कई हिस्सों में मौसम बदलने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 28 और 29 अक्टूबर को भारी बारिश और वज्रपात की आशंका जताई गई है।

प्रतीकात्मक तस्वीर: झारखंड में भारी बारिश
प्रतीकात्मक तस्वीर. Photo: Akhil Gautam / Pexels

झारखंड में भारी बारिश , मौसम ब्रेकिंग (गिरिडीह): बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी प्रणाली के प्रभाव से धनबाद, बोकारो और गिरिडीह समेत झारखंड के कई हिस्सों में मौसम बदलने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 28 अक्तूबर को भारी बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की आशंका है।

29 अक्तूबर को भी मौसम खराब रह सकता है और राज्य में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है। मौसम में इस बदलाव के बीच किसानों की चिंता बढ़ गयी है क्योंकि खेतों में तैयार धान की फसल और कटाई के बाद खुले में रखी उपज बारिश से प्रभावित हो सकती है।

धनबाद जिले में बादल छाये रहने और बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। मौसम विभाग ने राज्य के लिए जारी चेतावनी में 28 और 29 अक्तूबर को खराब मौसम को लेकर सतर्क किया है जिससे तापमान में बदलाव हो सकता है।

यह भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में साइक्लोन अर्नब का असर, कई जिलों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

बोकारो जिले में भी बादल, बारिश और गरज-चमक की संभावना है। IMD के बोकारो पूर्वानुमान में 28 और 29 अक्तूबर को तेज आंधी-तूफान जैसी स्थिति बनने तथा हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की चेतावनी दी गयी है।

गिरिडीह जिले में भी मौसम बदलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 28 और 29 अक्तूबर को तेज हवा और बिजली गिरने से जुड़े जोखिम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहना चाहिए।

कोयलांचल और आसपास के ग्रामीण इलाकों में धान की कटाई का काम चल रहा है जिससे बेमौसम बारिश से खेतों में खड़ी पकी फसल के भीगने का खतरा है। लगातार नमी रहने पर उपज की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और किसानों को फसल सुरक्षित रखने की जरूरत है।

यह भी पढ़ें: हिमाचल में भी दिखेगा चक्रवाती तूफान अर्नब का असर, 6 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट

गरज-चमक शुरू होने पर खुले खेत, मैदान और ऊंचे स्थानों से दूर रहें तथा पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास शरण न लें। तेज हवा के दौरान कमजोर पेड़ों और अस्थायी ढांचों से दूरी बनाये रखते हुए मौसम सामान्य होने तक कृषि कार्य रोकना सुरक्षित रहेगा।

यह भी पढ़ें: हरियाणा में बारिश का यलो अलर्ट जारी, जाने मौसम विभाग का ताजा अपडेट

Aditi Chauhan
लेखक परिचय

Aditi Chauhan

Climate & Weather Explainer Writer

Aditi Chauhan, Mausam Breaking के Explainers Desk से जुड़ी हैं। वे मानसून, चक्रवात, पश्चिमी विक्षोभ, El Niño, La Niña और अन्य मौसम प्रणालियों से जुड़े विषयों को सरल भाषा में समझाने वाले articles तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य जटिल मौसम विज्ञान संबंधी विषयों को आम पाठकों के लिए आसान और उपयोगी बनाना है।