चक्रवात अर्नब, मौसम ब्रेकिंग (भारत): पूरे भारत में मौसम ने अचानक ऐसी करवट ली है कि कहीं समुद्र उफान मार रहा है, तो कहीं बारिश और ठंडी हवाओं के बीच सर्दी का एहसास बढ़ने वाला है। तो कहीं बेमौसम ओले पड़ गए।
चक्रवात अर्नब के प्रभाव से ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तेज हवाओं और भारी बारिश का दौर जारी है।
गोपालपुर में मूसलाधार बारिश, विशाखापट्टनम में समुद्र की ऊंची लहरें और यानम में सड़कों पर गिरे पेड़ तूफान की ताकत दिखा रहे हैं। वहीं, उत्तर भारत में भी मौसम बदलने के संकेत हैं।
इसके साथ ही, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में बारिश और गरज-चमक से तापमान में गिरावट आ सकती है।
दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 29-30 अक्टूबर को ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का अनुमान है।
हालांकि, उत्तर भारत के मौसम में बदलाव के पीछे चक्रवात के साथ एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की भूमिका भी है।
यानी एक तरफ पूर्वी तट तूफान से जूझ रहा है, तो दूसरी तरफ उत्तर भारत में ठंड बढ़ने और मौसम बिगड़ने के आसार हैं। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 28 से 30 अक्टूबर, उत्तराखंड में 28 अक्टूबर से 2 नवंबर और हिमाचल प्रदेश में 29 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है।
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ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है। दूसरी ओर, चक्रवात से जुड़े वेदर सिस्टम के प्रभाव में तेलंगाना, विदर्भ, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की भी आशंका है।
इस तरह देश के अलग-अलग हिस्सों में कहीं तूफान, कहीं बारिश और कहीं ठंड बढ़ने के संकेत हैं।
आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम में तेज हवाओं और भारी बारिश से मौसम खराब है। वहीं, ओडिशा के बालासोर स्थित उदयपुर बीच पर समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं।
पूर्वी तट पर अलग-अलग जगहों के इन हालातों से हम समझ सकते हैं कि चक्रवात का असर केवल एक शहर या राज्य तक सीमित नहीं है।
आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम में चक्रवात अर्नब के असर से तेज हवाएं चल रही हैं और भारी बारिश हो रही है। तूफान के कारण इलाके में मौसम काफी बिगड़ गया है।
इसी बीच लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी भी आराम के साथ जीने की कोशिश कर रहे हैं।
पुडुचेरी के यानम में चक्रवात की तेज हवाओं की वजह से पेड़ सड़कों पर गिर गए हैं। रास्ते साफ करने के लिए एनडीआरएफ की टीमें जुटी हैं।
तूफान के दौरान पेड़ गिरने, बिजली की लाइनें टूटने और सड़कें बाधित होने जैसी घटनाएं राहत एवं बचाव कार्य को चुनौतीपूर्ण बना सकती हैं।
आंध्र प्रदेश के चिन्नागुम्मुलुरु में चक्रवात प्रभावित गांव का दौरा किया गया। उन्होंने पुनर्वास केंद्र में पहुंचकर लोगों के लिए उपलब्ध कराई जा रही राहत सुविधाओं का जायजा लिया।
इस दौरान तस्वीरों की मदद से हम देख सकते हैं कि कैसी पानी भरा हुआ है और रास्तें में तेज हवाएं चल रहीं हैं।
आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम स्थित आरके बीच पर तेज हवाओं के साथ समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं। एहतियात के तौर पर पुलिस ने लोगों के बीच पर जाने पर रोक लगा दी है।
मछुआरों को भी समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। ताकि खतरा टाला जा सके।
आंध्र प्रदेश के कोनासीमा इलाके में समुद्र का मिजाज बिगड़ा हुआ है। तेज हवाओं के बीच ऊंची लहरें उठ रही हैं।
चक्रवात के दौरान समुद्र में उतरना खतरनाक हो सकता है, इसलिए मछुआरों और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना जरूरी है।
ओडिशा के गोपालपुर तट पर चक्रवात अर्नब के असर से तेज हवाएं चल रही हैं। समुद्र के करीब तूफान की मौजूदगी ने तटीय इलाकों में मौसम बिगाड़ दिया है।
इसके साथ ही आसमान भी काला दिखाई दे रहा है। बारिश और तेज हवाओं के बीच लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
आंध्र प्रदेश के कोनासीमा जिले के अमलापुरम में चक्रवात अर्नब के प्रभाव से हवाएं तेज होने के साथ ही डरावनी भी लग रही हैं। जिससे, अचानक बदले मौसम ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है।
तटीय क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण जलभराव और आवाजाही में परेशानी का खतरा बढ़ रहा है।
मौसम विभाग के 28 अक्टूबर के बुलेटिन के मुताबिक, तट से टकराने के दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों की रफ्तार 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान था। तूफान के साथ भारी बारिश और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा भी बना हुआ है।









