मध्य प्रदेश मौसम: चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर से महाकौशल और विंध्य में छाए बादल, तीन दिन तक बारिश के आसार

मध्य प्रदेश मौसम: बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर से मध्य प्रदेश का मौसम पूरी तरह बदल गया है। महाकौशल और विंध्य अंचल में काले बादलों का डेरा है और अगले तीन दिनों तक विभिन्न जिलों में बारिश के आसार बने हुए हैं।

प्रतीकात्मक तस्वीर: मध्य प्रदेश मौसम
प्रतीकात्मक तस्वीर. Photo: “Beyond India by Shubham Thakur” / Pexels

मध्य प्रदेश मौसम, मौसम ब्रेकिंग (भोपाल): बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर से मध्य प्रदेश का भी मौसम बदल गया है। महाकौशल और विंध्य अंचल में काले बादलों का डेरा है जहां अगले तीन दिन बारिश के आसार बने हुए हैं, वहीं धार और झाबुआ में अचानक तापमान कम होने से ठंड बढ़ गई है।

मौसम विभाग ने बुधवार को सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा भोपाल, नर्मदापुरम, भिंड, दतिया, रायसेन, सीहोर, विदिशा, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्की बारिश या बूंदाबांदी का अनुमान है।

चक्रवात के असर के बीच धार में ठंड बढ़ गई है जहां न्यूनतम तापमान मंगलवार के 15.4 डिग्री से घटकर बुधवार सुबह 11.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। सतना सहित विंध्य क्षेत्र में भी मौसम बदल रहा है और बुधवार सुबह से बादल छाए रहने के साथ 28 से 30 अक्टूबर तक बारिश की संभावना है।

यह भी पढ़ें: Haryana Weather: हरियाणा में बदलेगा मौसम का मिजाज, गुरुग्राम समेत 12 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी

झाबुआ में सुबह और दोपहर के तापमान में अंतर बना हुआ है जहां 28 अक्टूबर को न्यूनतम तापमान घटकर 14.4 डिग्री सेल्सियस रह गया। मौसम विभाग के अनुसार 30 अक्टूबर को जिले में हल्की बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है।

मौसम विभाग ने 29 अक्टूबर को चक्रवात का असर ज्यादा रहने का अलर्ट जारी किया है, जिस दिन करवा चौथ भी है और पूरे प्रदेश में आंधी, बादल, गरज-चमक के साथ बारिश का मौसम रहेगा। इस दिन 11 जिलों में अति भारी और 9 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

चक्रवात का असर पूर्वी हिस्से में दिखेगा जिससे खेतों में खड़ी धान की फसल प्रभावित होगी और रीवा संभाग में गेहूं की बुआई भी प्रभावित हो सकती है। प्रदेश से 3 अक्टूबर को ही मानसून लौट चुका है, लेकिन नया सिस्टम एक्टिव होने से बारिश का दौर अभी भी लगातार जारी है।

यह भी पढ़ें: झारखंड में भारी बारिश की चेतावनी, वज्रपात का अलर्ट

यह भी पढ़ें: उत्तर भारत में बदलेगा मौसम का मिजाज, दिल्ली-NCR और पहाड़ों में बारिश के आसार

Aditi Chauhan
लेखक परिचय

Aditi Chauhan

Climate & Weather Explainer Writer

Aditi Chauhan, Mausam Breaking के Explainers Desk से जुड़ी हैं। वे मानसून, चक्रवात, पश्चिमी विक्षोभ, El Niño, La Niña और अन्य मौसम प्रणालियों से जुड़े विषयों को सरल भाषा में समझाने वाले articles तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य जटिल मौसम विज्ञान संबंधी विषयों को आम पाठकों के लिए आसान और उपयोगी बनाना है।