खराब मौसम, मौसम ब्रेकिंग (पटना): बांग्लादेश के साथ गंगाजल समझौते की 30 वर्ष की अवधि 12 दिसंबर को पूरा हो रही है। बिहार सरकार की ओर से लगातार केंद्र पर दबाव बनाया जा रहा है कि इस संधि को रद्द किया जाए या फिर बिहार के हितों का ध्यान रखा जाए।
इसी सिलसिले में बिहार के जल संसाधन विभाग की ओर से अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया है जिसमें देश-विदेश के एक्सपर्ट को बुलाया गया है। विशेषज्ञों द्वारा बक्सर से भागलपुर होते हुए फरक्का तक गंगा का उच्चस्तरीय हवाई सर्वेक्षण भी किया जाना था लेकिन खराब मौसम के कारण इस कार्यक्रम पर फिलहाल असर पड़ा है।
शुक्रवार को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन से पहले मौसम खराब होने के कारण आज सर्वेक्षण का कार्य नहीं हो सका। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि कल सुबह-सुबह मौसम साफ रहने पर यह कार्य किया जा सकता है जिसमें गंगा की बदलती धारा और गाद का वैज्ञानिक आकलन किया जाएगा।
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इस हवाई सर्वेक्षण के दौरान विशेष कैमरों और तकनीकी उपकरणों की मदद से नदी के प्रवाह क्षेत्र, उसके फैलाव और तलहटी में जमा गाद की स्थिति का सटीक आंकलन किया जाएगा। इस अभियान में पटना स्थित जल एवं भूमि प्रबंधन संस्थान वाल्मी के तकनीकी विशेषज्ञ भी शामिल होंगे।
सर्वेक्षण से जुटाए गए चित्र और वीडियो पटना में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रस्तुत किए जाएंगे, जहां विशेषज्ञ बाढ़ नियंत्रण और गाद प्रबंधन के स्थायी उपायों पर मंथन करेंगे। जल संसाधन विभाग की जनसंपर्क पदाधिकारी करुणा कृति ने भी इसकी पुष्टि की है कि मौसम अनुकूल होने पर ही आगे की प्रक्रिया पूरी होगी।
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