गढ़वा में मौसम सुधरने से किसानों और आमजन को मिली बड़ी राहत

गढ़वा मौसम: लगातार तीन दिनों तक हुई बारिश के बाद शनिवार को मौसम में सुधार से लोगों और किसानों ने राहत की सांस ली। आसमान में बादलों के बीच हल्की धूप भी निकली। लगातार बारिश के कारण खेतों और खलिहानों में काटकर रखी गई धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका से किसान चिंतित थे। खेतों में पानी जमा.

प्रतीकात्मक तस्वीर: गढ़वा मौसम
प्रतीकात्मक तस्वीर. Photo: Mr.Rabindra Bagh / Pexels

गढ़वा मौसम, मौसम ब्रेकिंग (गढ़वा): लगातार तीन दिनों तक हुई बारिश के बाद शनिवार को मौसम में सुधार से लोगों और किसानों ने राहत की सांस ली। आसमान में बादलों के बीच हल्की धूप भी निकली।

लगातार बारिश के कारण खेतों और खलिहानों में काटकर रखी गई धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका से किसान चिंतित थे। खेतों में पानी जमा होने और कटी फसल भींगने से धान के दाने खराब होने का खतरा बढ़ गया था।

उधर मौसम ठीक होने से तीन दिनों से थमी लोगों की आवाजाही सड़कों पर सामान्य हुई। उससे शहर में जाम की भी स्थिति बनी रही।

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मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 31 अक्टूबर से दो नवंबर तक आसमान में बादल छाए रहने का अनुमान है। इस दौरान कहीं-कहीं हल्की बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।

तीन नवंबर से मौसम मुख्यतः साफ होने की उम्मीद है।

वरीय कृषि वैज्ञानिक डॉ अशोक कुमार ने बताया कि लगातार बारिश और वातावरण में नमी को देखते हुए किसानों को कटी हुई धान की फसल सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। खेतों में जमा अतिरिक्त पानी निकालने और खड़ी फसल की नियमित निगरानी करने को कहा गया है।

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अधिक नमी के कारण धान में शीथ ब्लाइट, ब्लास्ट सहित फफूंदजनित रोगों का प्रकोप बढ़ सकता है। वहीं किसानों को रबी फसलों की तैयारी के लिए खेतों में जल निकासी सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है।

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मिट्टी में अनुकूल नमी रहने पर जुताई कर चना, मसूर, मटर और सरसों की बुवाई करने को कहा गया है। इसके लिए प्रमाणित बीज, अनुशंसित बीजोपचार और संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाने की जरूरत है।

किसानों को मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखते हुए खरीफ की बची फसल सुरक्षित करने और रबी की समयबद्ध बुवाई की तैयारी करने की सलाह दी गई है।

Aditi Chauhan
लेखक परिचय

Aditi Chauhan

Climate & Weather Explainer Writer

Aditi Chauhan, Mausam Breaking के Explainers Desk से जुड़ी हैं। वे मानसून, चक्रवात, पश्चिमी विक्षोभ, El Niño, La Niña और अन्य मौसम प्रणालियों से जुड़े विषयों को सरल भाषा में समझाने वाले articles तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य जटिल मौसम विज्ञान संबंधी विषयों को आम पाठकों के लिए आसान और उपयोगी बनाना है।